पूर्णिमा व्रत (२३०५)
Pune में सटीक पंचांग समय के अनुसार
व्रत का महत्व और जानकारी
पूर्णिमा व्रत हर महीने की पूर्णिमा तिथि (पूर्ण चंद्र) को रखा जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से भगवान सत्यनारायण (श्री हरि विष्णु) और चंद्र देव को समर्पित है। पूर्णिमा का चंद्रमा पूर्णता और शांति का प्रतीक है। इस दिन व्रत और सत्यनारायण कथा कराने से परिवार में सुख-समृद्धि, शांति और आरोग्यता का आगमन होता है।
पूर्णिमा व्रत सूर्योदय से प्रारंभ होता है। सत्यनारायण पूजा दोपहर या शाम को प्रदोष काल में करना सर्वोत्तम है। शाम को चंद्रोदय के समय अर्घ्य देकर व्रत खोलें।
- भगवान सत्यनारायण की मूर्ति या चित्र
- पूजा के लिए चौकी और पीला कपड़ा
- केले के पत्ते या आम के पत्ते (तोरण के लिए)
- पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, चीनी)
- सूजी का हलवा/पंजीरी (सत्यनारायण का विशेष प्रसाद)
- रोली, हल्दी, चंदन और अक्षत
- ताजे फूल, दूर्वा और तुलसी पत्र
- नारियल, पान के पत्ते और सुपारी
- तांबे का कलश और शुद्ध जल
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर भगवान सत्यनारायण की स्थापना करें।
- भगवान को पंचामृत से स्नान कराएं और चंदन-रोली का तिलक लगाएं।
- फूल, तुलसी दल और केले के पत्तों से वेदी को सजाएं।
- विशेष प्रसाद (पंजीरी/हलवा) और मौसमी फल अर्पित करें।
- श्री सत्यनारायण व्रत कथा का पाठ करें या सुनें।
- धूप-दीप जलाकर आरती करें और प्रसाद बांटे।
- शाम को पूर्ण चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलें।
वार्षिक व्रत कैलेंडर तिथियां और समय
| # | तारीख / दिनांक | वार | महीना / तिथि | शुभ मुहूर्त |
|---|---|---|---|---|
| १ | ११ जनवरी २३०५ | बुधवार | पौष शुक्ल पक्ष Pournima | प्रदोष काळ: 18:14 – 20:38 |
| २ | १० फरवरी २३०५ | शुक्रवार | माघ शुक्ल पक्ष Pournima | प्रदोष काळ: 18:32 – 20:56 |
| ३ | १२ मार्च २३०५ | रविवार | फाल्गुन शुक्ल पक्ष Pournima | प्रदोष काळ: 18:43 – 21:07 |
| ४ | १० अप्रैल २३०५ | सोमवार | चैत्र शुक्ल पक्ष Pournima | प्रदोष काळ: 18:50 – 21:14 |
| ५ | १० मई २३०५ | बुधवार | वैशाख शुक्ल पक्ष Pournima | प्रदोष काळ: 18:59 – 21:23 |
| ६ | ८ जून २३०५ | गुरुवार | ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष Pournima | प्रदोष काळ: 19:10 – 21:34 |
| ७ | ७ जुलाई २३०५ | शुक्रवार | आषाढ़ शुक्ल पक्ष Pournima | प्रदोष काळ: 19:16 – 21:40 |
| ८ | ६ अगस्त २३०५ | रविवार | श्रावण शुक्ल पक्ष Pournima | प्रदोष काळ: 19:08 – 21:32 |
| ९ | ४ सितंबर २३०५ | सोमवार | भाद्रपद शुक्ल पक्ष Pournima | प्रदोष काळ: 18:48 – 21:12 |
| १० | ३ अक्टूबर २३०५ | मंगलवार | आश्विन शुक्ल पक्ष Pournima | प्रदोष काळ: 18:23 – 20:47 |
| ११ | २ नवंबर २३०५ | गुरुवार | कार्तिक शुक्ल पक्ष Pournima | प्रदोष काळ: 18:02 – 20:26 |
| १२ | २ दिसंबर २३०५ | शनिवार | मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष Pournima | प्रदोष काळ: 17:56 – 20:20 |
| १३ | ३१ दिसंबर २३०५ | रविवार | पौष शुक्ल पक्ष Pournima | प्रदोष काळ: 18:07 – 20:31 |