Advertisement
‹

सितंबर २४–३०, २००३

भाद्रपद कृ. त्रयोदशी – आश्विन शु. पंचमी

›
ग्रेगोरियन २००३
📅 साप्ताहिक पंचांग
भाद्रपद कृ. १३ – शु. ५
सितंबर २४–३०, २००३  ·  शक संवत १९२५ • विक्रम संवत २०६०
🌙 कृष्ण पक्ष
♒ सिंह चंद्र राशि
🪷 शरद नवरात्रि प्रारंभ
🪷 शरद नवरात्रि प्रारंभ
७
दिन
४
त्योहार और व्रत
०
सार्वजनिक अवकाश
🌙
पक्ष
बुधवार
२४
त्रयोदशी
भाद्रपद कृ. १३ — बुधवार, सितंबर २४
नक्षत्र: मघा  |  योग: साध्य  |  करण: वणिज
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२४
🌇सूर्यास्त१८:२८
🌙चंद्रोदय०५:२६
⏱दिन की अवधि१२ घंटे ३ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रमघा
योगसाध्य
करणवणिज
चंद्र राशिसिंह
🕐 चौघड़िया
लाभ ०६:२४ – ०७:५५
अमृत ०७:५५ – ०९:२५
काल ०९:२५ – १०:५६
शुभ १०:५६ – १२:२६
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
१२:०२ – १२:५०
राहुकाल ⚠
१२:२६ – १३:५७
यमगंड
०७:५५ – ०९:२५
गुरुवार
२५
चतुर्दशी
भाद्रपद कृ. १४ — गुरुवार, सितंबर २५
नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी  |  योग: शुभ  |  करण: शकुनि
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२५
🌇सूर्यास्त१८:२७
🌙चंद्रास्त१८:१०
⏱दिन की अवधि१२ घंटे २ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी
योगशुभ
करणशकुनि
चंद्र राशिसिंह
🕐 चौघड़िया
शुभ ०६:२५ – ०७:५५
रोग ०७:५५ – ०९:२५
उद्वेग ०९:२५ – १०:५५
चर १०:५५ – १२:२६
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
१२:०२ – १२:५०
राहुकाल ⚠
१३:५६ – १५:२६
यमगंड
०६:२५ – ०७:५५
शुक्रवार
२६
अमावस्या
भाद्रपद कृ. १५ — शुक्रवार, सितंबर २६
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी  |  योग: शुक्ल  |  करण: नाग
🌑
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२५
🌇सूर्यास्त१८:२६
🌙चंद्रोदय०६:२५
⏱दिन की अवधि१२ घंटे १ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी
योगशुक्ल
करणनाग
चंद्र राशिकन्या
🕐 चौघड़िया
चर ०६:२५ – ०७:५५
लाभ ०७:५५ – ०९:२५
अमृत ०९:२५ – १०:५५
काल १०:५५ – १२:२५
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
१२:०१ – १२:५०
राहुकाल ⚠
१०:५५ – १२:२५
यमगंड
१५:२६ – १६:५६
शनिवार
२७
द्वितीया
आश्विन शु. २ — शनिवार, सितंबर २७
नक्षत्र: हस्त  |  योग: ब्रह्म  |  करण: बालव
शरद नवरात्रि प्रारंभ 🌍 विश्व पर्यटन दिवस
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२५
🌇सूर्यास्त१८:२५
🌙चंद्रोदय०७:२५
⏱दिन की अवधि१२ घंटे ० मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रहस्त
योगब्रह्म
करणबालव
चंद्र राशिकन्या
🕐 चौघड़िया
काल ०६:२५ – ०७:५५
शुभ ०७:५५ – ०९:२५
रोग ०९:२५ – १०:५५
उद्वेग १०:५५ – १२:२५
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
१२:०१ – १२:४९
राहुकाल ⚠
०९:२५ – १०:५५
यमगंड
१३:५५ – १५:२५
रविवार
२८
तृतीया
आश्विन शु. ३ — रविवार, सितंबर २८
नक्षत्र: स्वाति  |  योग: वैधृति  |  करण: तैतिल
शरद नवरात्रि प्रारंभ
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२५
🌇सूर्यास्त१८:२५
🌙चंद्रोदय०८:२६
⏱दिन की अवधि११ घंटे ५९ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रस्वाति
योगवैधृति
करणतैतिल
चंद्र राशितुला
🕐 चौघड़िया
उद्वेग ०६:२५ – ०७:५५
चर ०७:५५ – ०९:२५
लाभ ०९:२५ – १०:५५
अमृत १०:५५ – १२:२५
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
१२:०१ – १२:४९
राहुकाल ⚠
१६:५५ – १८:२५
यमगंड
१२:२५ – १३:५५
सोमवार
२९
चतुर्थी
आश्विन शु. ४ — सोमवार, सितंबर २९
नक्षत्र: विशाखा  |  योग: विष्कंभ  |  करण: वणिज
शरद नवरात्रि प्रारंभ
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२५
🌇सूर्यास्त१८:२४
🌙चंद्रोदय०९:२९
⏱दिन की अवधि११ घंटे ५८ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रविशाखा
योगविष्कंभ
करणवणिज
चंद्र राशितुला
🕐 चौघड़िया
अमृत ०६:२५ – ०७:५५
काल ०७:५५ – ०९:२५
शुभ ०९:२५ – १०:५५
रोग १०:५५ – १२:२४
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
१२:०१ – १२:४८
राहुकाल ⚠
०७:५५ – ०९:२५
यमगंड
१०:५५ – १२:२४
मंगलवार
३०
पंचमी
आश्विन शु. ५ — मंगलवार, सितंबर ३०
नक्षत्र: अनुराधा  |  योग: प्रीति  |  करण: बव
शरद नवरात्रि प्रारंभ
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२५
🌇सूर्यास्त१८:२३
🌙चंद्रोदय१०:३३
⏱दिन की अवधि११ घंटे ५७ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रअनुराधा
योगप्रीति
करणबव
चंद्र राशिवृश्चिक
🕐 चौघड़िया
रोग ०६:२५ – ०७:५५
उद्वेग ०७:५५ – ०९:२५
चर ०९:२५ – १०:५४
लाभ १०:५४ – १२:२४
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
१२:०० – १२:४८
राहुकाल ⚠
१५:२३ – १६:५३
यमगंड
०९:२५ – १०:५४
📋 साप्ताहिक सारांश
पक्षकृष्ण पक्ष
तिथित्रयोदशी – पंचमी
महीनाभाद्रपद
सूर्योदय⬆ ०६:२४ → ०६:२५
सूर्यास्त⬇ १८:२८ → १८:२३
विक्रम संवत२०६०
🎊 इस सप्ताह के त्योहार
🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

शनिवार, सितंबर २७ · द्वितीया

🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

रविवार, सितंबर २८ · तृतीया

🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

सोमवार, सितंबर २९ · चतुर्थी

🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

मंगलवार, सितंबर ३० · पंचमी

✨ शुभ मुहूर्त
💍

विवाह मुहूर्त

इस सप्ताह का अभिजित मुहूर्त और अमृत योग उत्तम है।

🏠

गृहप्रवेश व नवीन खरेदी

शुभ चौघड़िया और अमृत काल में उत्तम मुहूर्त निर्धारित किया जा सकता है।

🌍 ग्रह स्थिति
☀️if($langCode==='gu')સૂર્ય@elseसूर्यकन्या
🌙if($langCode==='gu')ચંદ્ર@elseचंद्रसिंह → वृश्चिक
🪐विक्रम संवतशक संवत १९२५
सरस्वती नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि।
विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा॥
— सरस्वती स्तोत्र
Advertisement
🪔
🪔

ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः।

May all be happy. May all be free from illness.

🪔
✨
🪔
🌸
✨
🌺
✕
🔒

प्रीमियम सामग्री (Premium Content)

वर्ष 2003 लॉक है

इस अनुभाग को देखने के लिए सक्रिय प्रो सदस्यता (Active Pro Subscription) या इस पृष्ठ की खरीद आवश्यक है।

📅 कैलेंडर 🪷 त्योहार 🔮 राशिफल 📰 ब्लॉग