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अक्टूबर १–७, २००३

आश्विन शु. षष्ठी – आश्विन शु. द्वादशी

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ग्रेगोरियन २००३
📅 साप्ताहिक पंचांग
आश्विन शु. ६ – शु. १२
अक्टूबर १–७, २००३  ·  शक संवत १९२५ • विक्रम संवत २०६०
🌙 शुक्ल पक्ष
♒ वृश्चिक चंद्र राशि
🪷 शरद नवरात्रि प्रारंभ
🪷 शरद नवरात्रि प्रारंभ
७
दिन
५
त्योहार और व्रत
०
सार्वजनिक अवकाश
🌙
पक्ष
बुधवार
१
षष्ठी
आश्विन शु. ६ — बुधवार, अक्टूबर १
नक्षत्र: ज्येष्ठा  |  योग: आयुष्मान  |  करण: तैतिल
शरद नवरात्रि प्रारंभ 🌍 अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२६
🌇सूर्यास्त१८:२२
🌙चंद्रोदय११:३९
⏱दिन की अवधि११ घंटे ५६ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रज्येष्ठा
योगआयुष्मान
करणतैतिल
चंद्र राशिवृश्चिक
🕐 चौघड़िया
लाभ ०६:२६ – ०७:५५
अमृत ०७:५५ – ०९:२५
काल ०९:२५ – १०:५४
शुभ १०:५४ – १२:२४
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
१२:०० – १२:४८
राहुकाल ⚠
१२:२४ – १३:५३
यमगंड
०७:५५ – ०९:२५
गुरुवार
२
सप्तमी
आश्विन शु. ७ — गुरुवार, अक्टूबर २
नक्षत्र: मूल  |  योग: सौभाग्य  |  करण: वणिज
शरद नवरात्रि प्रारंभ 🌍 गांधी जयंती
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२६
🌇सूर्यास्त१८:२१
🌙चंद्रोदय१२:४३
⏱दिन की अवधि११ घंटे ५५ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रमूल
योगसौभाग्य
करणवणिज
चंद्र राशिधनु
🕐 चौघड़िया
शुभ ०६:२६ – ०७:५५
रोग ०७:५५ – ०९:२५
उद्वेग ०९:२५ – १०:५४
चर १०:५४ – १२:२३
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
१२:०० – १२:४७
राहुकाल ⚠
१३:५३ – १५:२२
यमगंड
०६:२६ – ०७:५५
शुक्रवार
३
अष्टमी
आश्विन शु. ८ — शुक्रवार, अक्टूबर ३
नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा  |  योग: शोभन  |  करण: बव
शरद नवरात्रि प्रारंभ
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२६
🌇सूर्यास्त१८:२०
🌙चंद्रोदय१३:४३
⏱दिन की अवधि११ घंटे ५४ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा
योगशोभन
करणबव
चंद्र राशिधनु
🕐 चौघड़िया
चर ०६:२६ – ०७:५५
लाभ ०७:५५ – ०९:२५
अमृत ०९:२५ – १०:५४
काल १०:५४ – १२:२३
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५९ – १२:४७
राहुकाल ⚠
१०:५४ – १२:२३
यमगंड
१५:२२ – १६:५१
शनिवार
४
नवमी
आश्विन शु. ९ — शनिवार, अक्टूबर ४
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा  |  योग: अतिगंड  |  करण: कौलव
शरद नवरात्रि प्रारंभ दशहरा / विजयादशमी
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२६
🌇सूर्यास्त१८:१९
🌙चंद्रोदय१४:३७
⏱दिन की अवधि११ घंटे ५३ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा
योगअतिगंड
करणकौलव
चंद्र राशिमकर
🕐 चौघड़िया
काल ०६:२६ – ०७:५५
शुभ ०७:५५ – ०९:२५
रोग ०९:२५ – १०:५४
उद्वेग १०:५४ – १२:२३
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५९ – १२:४७
राहुकाल ⚠
०९:२५ – १०:५४
यमगंड
१३:५२ – १५:२१
रविवार
५
दशमी
आश्विन शु. १० — रविवार, अक्टूबर ५
नक्षत्र: श्रवण  |  योग: सुकर्मा  |  करण: गर
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२६
🌇सूर्यास्त१८:१९
🌙चंद्रोदय१५:२६
⏱दिन की अवधि११ घंटे ५२ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रश्रवण
योगसुकर्मा
करणगर
चंद्र राशिमकर
🕐 चौघड़िया
उद्वेग ०६:२६ – ०७:५५
चर ०७:५५ – ०९:२४
लाभ ०९:२४ – १०:५४
अमृत १०:५४ – १२:२३
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५९ – १२:४६
राहुकाल ⚠
१६:५० – १८:१९
यमगंड
१२:२३ – १३:५२
सोमवार
६
एकादशी
आश्विन शु. ११ — सोमवार, अक्टूबर ६
नक्षत्र: धनिष्ठा  |  योग: शूल  |  करण: विष्टि
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२७
🌇सूर्यास्त१८:१८
🌙चंद्रोदय१६:०९
⏱दिन की अवधि११ घंटे ५१ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रधनिष्ठा
योगशूल
करणविष्टि
चंद्र राशिमकर
🕐 चौघड़िया
अमृत ०६:२७ – ०७:५६
काल ०७:५६ – ०९:२४
शुभ ०९:२४ – १०:५३
रोग १०:५३ – १२:२२
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५९ – १२:४६
राहुकाल ⚠
०७:५६ – ०९:२४
यमगंड
१०:५३ – १२:२२
मंगलवार
७
द्वादशी
आश्विन शु. १२ — मंगलवार, अक्टूबर ७
नक्षत्र: शतभिषा  |  योग: गंड  |  करण: बालव
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२७
🌇सूर्यास्त१८:१७
🌙चंद्रोदय१६:४७
⏱दिन की अवधि११ घंटे ५० मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रशतभिषा
योगगंड
करणबालव
चंद्र राशिकुंभ
🕐 चौघड़िया
रोग ०६:२७ – ०७:५६
उद्वेग ०७:५६ – ०९:२४
चर ०९:२४ – १०:५३
लाभ १०:५३ – १२:२२
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५८ – १२:४६
राहुकाल ⚠
१५:१९ – १६:४८
यमगंड
०९:२४ – १०:५३
📋 साप्ताहिक सारांश
पक्षशुक्ल पक्ष
तिथिषष्ठी – द्वादशी
महीनाआश्विन
सूर्योदय⬆ ०६:२६ → ०६:२७
सूर्यास्त⬇ १८:२२ → १८:१७
विक्रम संवत२०६०
🎊 इस सप्ताह के त्योहार
🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

बुधवार, अक्टूबर १ · षष्ठी

🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

गुरुवार, अक्टूबर २ · सप्तमी

🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

शुक्रवार, अक्टूबर ३ · अष्टमी

🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

शनिवार, अक्टूबर ४ · नवमी

🪷

दशहरा / विजयादशमी

शनिवार, अक्टूबर ४ · नवमी

✨ शुभ मुहूर्त
💍

विवाह मुहूर्त

इस सप्ताह का अभिजित मुहूर्त और अमृत योग उत्तम है।

🏠

गृहप्रवेश व नवीन खरेदी

शुभ चौघड़िया और अमृत काल में उत्तम मुहूर्त निर्धारित किया जा सकता है।

🌍 ग्रह स्थिति
☀️if($langCode==='gu')સૂર્ય@elseसूर्यकन्या
🌙if($langCode==='gu')ચંદ્ર@elseचंद्रवृश्चिक → कुंभ
🪐विक्रम संवतशक संवत १९२५
सरस्वती नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि।
विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा॥
— सरस्वती स्तोत्र
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ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः।

May all be happy. May all be free from illness.

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वर्ष 2003 लॉक है

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