Advertisement
🏠 मुख्यपृष्ठ › व्रत निर्देशिका

हिन्दू व्रत और उपवास कैलेंडर 3346

Pune में प्रमुख व्रत, उपवास, उनकी महिमा and तिथियां

📍 Pune
१८.५२०४° N  ·  ७३.८५६७° E
📍 स्थान बदलें
📅 वर्ष बदलें
🪔 व्रत निर्देशिका
🕉️

एकादशी व्रत

२४ बार
🔔 अगला व्रत: १० January ३३४६

एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित एक अत्यंत पवित्र उपवास का दिन है, जो प्रत्येक महीने के शुक्ल और कृष्ण दोनों पक्षों की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान विष्णु के शरीर से उत्पन्न हुई एकादशी देवी ने मुर नामक राक्षस का वध किया था। इस दिन व्रत करने से सभी पापों का नाश होता है, आत्मा की शुद्धि होती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

🪷

संकष्टी चतुर्थी

१३ बार
🔔 अगला व्रत: ३ January ३३४६

संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित एक अत्यंत कल्याणकारी व्रत है, जो हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। संकष्टी का अर्थ है संकटों को हरने वाली। विघ्नहर्ता गणेश जी की कृपा से जीवन की सभी बाधाओं और कष्टों को दूर करने के लिए भक्त यह व्रत करते हैं। इस व्रत में रात्रि में चंद्रोदय के बाद चंद्र देव की पूजा और अर्घ्य देकर ही व्रत खोला जाता है।

🌕

पूर्णिमा व्रत

११ बार
🔔 अगला व्रत: २९ January ३३४६

पूर्णिमा व्रत हर महीने की पूर्णिमा तिथि (पूर्ण चंद्र) को रखा जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से भगवान सत्यनारायण (श्री हरि विष्णु) और चंद्र देव को समर्पित है। पूर्णिमा का चंद्रमा पूर्णता और शांति का प्रतीक है। इस दिन व्रत और सत्यनारायण कथा कराने से परिवार में सुख-समृद्धि, शांति और आरोग्यता का आगमन होता है।

🌑

अमावस्या व्रत

१० बार
🔔 अगला व्रत: १४ January ३३४६

अमावस्या व्रत पितरों की आत्मतृप्ति और पितृ दोष निवारण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। अमावस्या को चंद्रमा दिखाई नहीं देता। इस दिन पूर्वजों का ध्यान कर तर्पण, श्राद्ध कर्म और दान-पुण्य करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और वंश की उन्नति होती है।

🔱

प्रदोष व्रत

२३ बार
🔔 अगला व्रत: ११ January ३३४६

प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित एक अत्यंत मंगलकारी व्रत है, जो त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। प्रदोष काल सूर्यास्त के समय को कहा जाता है। पौराणिक मान्यता है कि इसी दिन महादेव ने समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष का पान कर सृष्टि की रक्षा की थी। इस दिन संध्याकाल में शिव पूजा करने से सभी पाप मिटते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

🕌

मासिक शिवरात्रि

१० बार
🔔 अगला व्रत: १२ January ३३४६

मासिक शिवरात्रि प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित है। मान्यता है कि इसी पावन रात्रि को महादेव ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे और उन्होंने तांडव नृत्य किया था। इस व्रत को करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और मानसिक शांति मिलती है।

🛡️

मासिक दुर्गाष्टमी

१२ बार
🔔 अगला व्रत: २३ January ३३४६

मासिक दुर्गाष्टमी प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। यह पवित्र दिन आदिशक्ति मां दुर्गा को समर्पित है। महिषासुर नामक असुर पर मां दुर्गा की विजय के उपलक्ष्य में यह व्रत रखा जाता है। इस दिन व्रत रखने से भय का नाश होता है, शत्रुओं पर विजय मिलती है और घर में सुख-शांति व समृद्धि आती है।

Advertisement
🪔
🪔

ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः।

May all be happy. May all be free from illness.

🪔
✨
🪔
🌸
✨
🌺
✕
🔒

प्रीमियम सामग्री (Premium Content)

वर्ष 3346 लॉक है

इस अनुभाग को देखने के लिए सक्रिय प्रो सदस्यता (Active Pro Subscription) या इस पृष्ठ की खरीद आवश्यक है।

📅 कैलेंडर 🪷 त्योहार 🔮 राशिफल 📰 ब्लॉग