परिचय व जीवनचरित्र
समर्थ रामदास स्वामी एक महान संत, तत्वज्ञानी और कवि थे. उन्होंने समाज में बल और भक्ति का संचार करने के लिए हनुमान मंदिरों की स्थापना की. वह शिवाजी महाराज के समकालीन थे.
महत्त्व व वारसा
दासबोध और मनाचे श्लोक उनकी सर्वश्रेष्ठ कृतियां हैं, जो जीवन प्रबंधन सिखाती हैं.
संतांचे अभंग व साहित्य संग्रह
मना सज्जना भक्तीपंथेची जावे
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नको रे मना क्रोध हा खेदकारी
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सदा सर्वदा योग तुझा घडावा
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समर्थाचीया सेवका वक्र पाहे
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जया नाव ठावे तया वास व्हावा
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मना राघवाविण विश्राम नाही
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प्रयत्नांचे महत्त्व (दासबोध)
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सद्गुण संपादन
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देह बुद्धी आणि विवेक
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राम नाम महिमा
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