परिचय व जीवनचरित्र
संत नामदेव महाराज भक्त शिरोमणि और ज्ञानेश्वर जी के अनन्य सखा थे. उन्होंने उत्तर भारत का भ्रमण कर भक्ति का संदेश फैलाया. गुरु ग्रंथ साहिब में इनके ६१ पद संकलित हैं.
महत्त्व व वारसा
भक्ति आंदोलन को अखिल भारतीय स्वरूप देने वाले और कीर्तन परंपरा के प्रणेता संत माने जाते हैं.