परिचय व जीवनचरित्र
संत ज्ञानेश्वर महाराज वारकरी संप्रदाय के प्रवर्तक माने जाते हैं. उन्होंने अल्पायु में ही भगवद्गीता पर प्रसिद्ध भाष्य "ज्ञानेश्वरी" मराठी में लिखा.
महत्त्व व वारसा
ज्ञानेश्वरी के माध्यम से उन्होंने मराठी साहित्य और दर्शन की नींव रखी. उन्होंने आळंदी में जीवित समाधि ली.