परिचय व जीवनचरित्र
संत चोखामेळा १४वीं सदी के महान वारकरी संत थे. उन्होंने जातिगत भेदभाव का सामना करते हुए विठ्ठल भक्ति का अनूठा उदाहरण पेश किया.
महत्त्व व वारसा
उनकी समाधि पंढरपुर विठ्ठल मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार (पायरी) पर स्थित है.
संतांचे अभंग व साहित्य संग्रह
इस संत का कोई साहित्य अभी प्रकाशित नहीं है।