परिचय व जीवनचरित्र
संत बहिणाबाई संत तुकाराम की शिष्या थीं. उन्होंने पारिवारिक विरोधों के बावजूद अपनी भक्ति का मार्ग प्रशस्त किया.
महत्त्व व वारसा
वारकरी मंदिर के विकास का वर्णन करने वाला उनका अभंग "संतकृपा झाली" अत्यंत प्रसिद्ध है.
संतांचे अभंग व साहित्य संग्रह
इस संत का कोई साहित्य अभी प्रकाशित नहीं है।