उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र
देवता: अर्यमा • स्वामी: सूर्य
नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली)
नरक चतुर्दशी और रूप चौदस।
लक्ष्मी पूजन (दीपावली)
आश्विन अमावस्या को माता लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है।
सर्वार्थ सिद्धि योग
सभी कार्यों को सिद्ध करने वाला अत्यंत शुभ योग.
भद्रा (विष्टि करण) सावधानी
आज भद्रा (विष्टि करण) काल शुरू है. इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य महत्वपूर्ण शुभ कार्य करना वर्जित है.
अभिजित मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है।
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