Advertisement
‹

अक्टूबर ६–१२, २०२७

आश्विन शु. सप्तमी – आश्विन शु. द्वादशी

›
ग्रेगोरियन २०२७
📅 साप्ताहिक पंचांग
आश्विन शु. ७ – शु. १२
अक्टूबर ६–१२, २०२७  ·  शक संवत १९४९ • विक्रम संवत २०८४
🌙 शुक्ल पक्ष
♒ धनु चंद्र राशि
🪷 शरद नवरात्रि प्रारंभ
🪷 शरद नवरात्रि प्रारंभ
७
दिन
५
त्योहार और व्रत
०
सार्वजनिक अवकाश
🌙
पक्ष
बुधवार
६
सप्तमी
आश्विन शु. ७ — बुधवार, अक्टूबर ६
नक्षत्र: मूल  |  योग: सौभाग्य  |  करण: गर
शरद नवरात्रि प्रारंभ
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२७
🌇सूर्यास्त१८:१८
🌙चंद्रोदय१२:१३
⏱दिन की अवधि११ घंटे ५० मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रमूल
योगसौभाग्य
करणगर
चंद्र राशिधनु
🕐 चौघड़िया
लाभ ०६:२७ – ०७:५६
अमृत ०७:५६ – ०९:२४
काल ०९:२४ – १०:५३
शुभ १०:५३ – १२:२२
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५८ – १२:४६
राहुकाल ⚠
१२:२२ – १३:५१
यमगंड
०७:५६ – ०९:२४
गुरुवार
७
अष्टमी
आश्विन शु. ८ — गुरुवार, अक्टूबर ७
नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा  |  योग: शोभन  |  करण: विष्टि
शरद नवरात्रि प्रारंभ
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२७
🌇सूर्यास्त१८:१७
🌙चंद्रोदय१३:०२
⏱दिन की अवधि११ घंटे ४९ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा
योगशोभन
करणविष्टि
चंद्र राशिधनु
🕐 चौघड़िया
शुभ ०६:२७ – ०७:५६
रोग ०७:५६ – ०९:२४
उद्वेग ०९:२४ – १०:५३
चर १०:५३ – १२:२२
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५८ – १२:४६
राहुकाल ⚠
१३:५१ – १५:१९
यमगंड
०६:२७ – ०७:५६
शुक्रवार
८
अष्टमी
आश्विन शु. ८ — शुक्रवार, अक्टूबर ८
नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा  |  योग: अतिगंड  |  करण: बव
शरद नवरात्रि प्रारंभ
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२७
🌇सूर्यास्त१८:१६
🌙चंद्रोदय१३:४६
⏱दिन की अवधि११ घंटे ४८ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा
योगअतिगंड
करणबव
चंद्र राशिधनु
🕐 चौघड़िया
चर ०६:२७ – ०७:५६
लाभ ०७:५६ – ०९:२४
अमृत ०९:२४ – १०:५३
काल १०:५३ – १२:२२
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५८ – १२:४५
राहुकाल ⚠
१०:५३ – १२:२२
यमगंड
१५:१९ – १६:४७
शनिवार
९
नवमी
आश्विन शु. ९ — शनिवार, अक्टूबर ९
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा  |  योग: सुकर्मा  |  करण: कौलव
शरद नवरात्रि प्रारंभ दशहरा / विजयादशमी
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२७
🌇सूर्यास्त१८:१५
🌙चंद्रोदय१४:२६
⏱दिन की अवधि११ घंटे ४७ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा
योगसुकर्मा
करणकौलव
चंद्र राशिमकर
🕐 चौघड़िया
काल ०६:२७ – ०७:५६
शुभ ०७:५६ – ०९:२४
रोग ०९:२४ – १०:५३
उद्वेग १०:५३ – १२:२१
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५८ – १२:४५
राहुकाल ⚠
०९:२४ – १०:५३
यमगंड
१३:५० – १५:१८
रविवार
१०
दशमी
आश्विन शु. १० — रविवार, अक्टूबर १०
नक्षत्र: श्रवण  |  योग: धृति  |  करण: गर
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२८
🌇सूर्यास्त१८:१५
🌙चंद्रोदय१५:०३
⏱दिन की अवधि११ घंटे ४६ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रश्रवण
योगधृति
करणगर
चंद्र राशिमकर
🕐 चौघड़िया
उद्वेग ०६:२८ – ०७:५६
चर ०७:५६ – ०९:२४
लाभ ०९:२४ – १०:५३
अमृत १०:५३ – १२:२१
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५७ – १२:४५
राहुकाल ⚠
१६:४६ – १८:१५
यमगंड
१२:२१ – १३:४९
सोमवार
११
एकादशी
आश्विन शु. ११ — सोमवार, अक्टूबर ११
नक्षत्र: धनिष्ठा  |  योग: शूल  |  करण: विष्टि
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२८
🌇सूर्यास्त१८:१४
🌙चंद्रोदय१५:३७
⏱दिन की अवधि११ घंटे ४५ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रधनिष्ठा
योगशूल
करणविष्टि
चंद्र राशिकुंभ
🕐 चौघड़िया
अमृत ०६:२८ – ०७:५६
काल ०७:५६ – ०९:२४
शुभ ०९:२४ – १०:५३
रोग १०:५३ – १२:२१
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५७ – १२:४४
राहुकाल ⚠
०७:५६ – ०९:२४
यमगंड
१०:५३ – १२:२१
मंगलवार
१२
द्वादशी
आश्विन शु. १२ — मंगलवार, अक्टूबर १२
नक्षत्र: शतभिषा  |  योग: गंड  |  करण: बालव
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२८
🌇सूर्यास्त१८:१३
🌙चंद्रोदय१६:१०
⏱दिन की अवधि११ घंटे ४४ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रशतभिषा
योगगंड
करणबालव
चंद्र राशिकुंभ
🕐 चौघड़िया
रोग ०६:२८ – ०७:५६
उद्वेग ०७:५६ – ०९:२४
चर ०९:२४ – १०:५२
लाभ १०:५२ – १२:२१
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५७ – १२:४४
राहुकाल ⚠
१५:१७ – १६:४५
यमगंड
०९:२४ – १०:५२
📋 साप्ताहिक सारांश
पक्षशुक्ल पक्ष
तिथिसप्तमी – द्वादशी
महीनाआश्विन
सूर्योदय⬆ ०६:२७ → ०६:२८
सूर्यास्त⬇ १८:१८ → १८:१३
विक्रम संवत२०८४
🎊 इस सप्ताह के त्योहार
🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

बुधवार, अक्टूबर ६ · सप्तमी

🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

गुरुवार, अक्टूबर ७ · अष्टमी

🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

शुक्रवार, अक्टूबर ८ · अष्टमी

🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

शनिवार, अक्टूबर ९ · नवमी

🪷

दशहरा / विजयादशमी

शनिवार, अक्टूबर ९ · नवमी

✨ शुभ मुहूर्त
💍

विवाह मुहूर्त

इस सप्ताह का अभिजित मुहूर्त और अमृत योग उत्तम है।

🏠

गृहप्रवेश व नवीन खरेदी

शुभ चौघड़िया और अमृत काल में उत्तम मुहूर्त निर्धारित किया जा सकता है।

🌍 ग्रह स्थिति
☀️if($langCode==='gu')સૂર્ય@elseसूर्यकन्या
🌙if($langCode==='gu')ચંદ્ર@elseचंद्रधनु → कुंभ
🪐विक्रम संवतशक संवत १९४९
सरस्वती नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि।
विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा॥
— सरस्वती स्तोत्र
Advertisement
🪔
🪔

ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः।

May all be happy. May all be free from illness.

🪔
✨
🪔
🌸
✨
🌺
✕
🔒

प्रीमियम सामग्री (Premium Content)

वर्ष 2027 लॉक है

इस अनुभाग को देखने के लिए सक्रिय प्रो सदस्यता (Active Pro Subscription) या इस पृष्ठ की खरीद आवश्यक है।

📅 कैलेंडर 🪷 त्योहार 🔮 राशिफल 📰 ब्लॉग