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अक्टूबर ३० – नवंबर ५, २०७३

आश्विन कृ. अमावस्या – कार्तिक शु. षष्ठी

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ग्रेगोरियन २०७३
📅 साप्ताहिक पंचांग
आश्विन कृ. १५ – शु. ६
अक्टूबर ३०–५, २०७३  ·  शक संवत १९९५ • विक्रम संवत २१३०
🌙 कृष्ण पक्ष
♒ तुला चंद्र राशि
🪷 लक्ष्मी पूजन (दीपावली)
🪷 गोवर्धन पूजा / बलि प्रतिपदा
७
दिन
३
त्योहार और व्रत
०
सार्वजनिक अवकाश
🌙
पक्ष
सोमवार
३०
अमावस्या
आश्विन कृ. १५ — सोमवार, अक्टूबर ३०
नक्षत्र: चित्रा  |  योग: प्रीति  |  करण: चतुष्पाद
🌑 लक्ष्मी पूजन (दीपावली)
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३४
🌇सूर्यास्त१८:०१
🌙चंद्रास्त१७:५६
⏱दिन की अवधि११ घंटे २६ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रचित्रा
योगप्रीति
करणचतुष्पाद
चंद्र राशितुला
🕐 चौघड़िया
अमृत ०६:३४ – ०८:००
काल ०८:०० – ०९:२६
शुभ ०९:२६ – १०:५२
रोग १०:५२ – १२:१८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५५ – १२:४०
राहुकाल ⚠
०८:०० – ०९:२६
यमगंड
१०:५२ – १२:१८
मंगलवार
३१
प्रतिपदा
कार्तिक शु. १ — मंगलवार, अक्टूबर ३१
नक्षत्र: स्वाति  |  योग: आयुष्मान  |  करण: किंस्तुघ्न
गोवर्धन पूजा / बलि प्रतिपदा 🌍 राष्ट्रीय एकता दिवस
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३५
🌇सूर्यास्त१८:००
🌙चंद्रोदय०६:५५
⏱दिन की अवधि११ घंटे २५ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रस्वाति
योगआयुष्मान
करणकिंस्तुघ्न
चंद्र राशितुला
🕐 चौघड़िया
रोग ०६:३५ – ०८:००
उद्वेग ०८:०० – ०९:२६
चर ०९:२६ – १०:५२
लाभ १०:५२ – १२:१८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५५ – १२:४०
राहुकाल ⚠
१५:०९ – १६:३५
यमगंड
०९:२६ – १०:५२
बुधवार
१
द्वितीया
कार्तिक शु. २ — बुधवार, नवंबर १
नक्षत्र: विशाखा  |  योग: सौभाग्य  |  करण: बालव
भाई दूज
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३५
🌇सूर्यास्त१८:००
🌙चंद्रोदय०७:५९
⏱दिन की अवधि११ घंटे २४ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रविशाखा
योगसौभाग्य
करणबालव
चंद्र राशिवृश्चिक
🕐 चौघड़िया
लाभ ०६:३५ – ०८:०१
अमृत ०८:०१ – ०९:२६
काल ०९:२६ – १०:५२
शुभ १०:५२ – १२:१८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५५ – १२:४०
राहुकाल ⚠
१२:१८ – १३:४३
यमगंड
०८:०१ – ०९:२६
गुरुवार
२
तृतीया
कार्तिक शु. ३ — गुरुवार, नवंबर २
नक्षत्र: ज्येष्ठा  |  योग: शोभन  |  करण: गर
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३६
🌇सूर्यास्त१७:५९
🌙चंद्रोदय०९:०३
⏱दिन की अवधि११ घंटे २३ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रज्येष्ठा
योगशोभन
करणगर
चंद्र राशिवृश्चिक
🕐 चौघड़िया
शुभ ०६:३६ – ०८:०१
रोग ०८:०१ – ०९:२७
उद्वेग ०९:२७ – १०:५२
चर १०:५२ – १२:१८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५५ – १२:४०
राहुकाल ⚠
१३:४३ – १५:०८
यमगंड
०६:३६ – ०८:०१
शुक्रवार
३
चतुर्थी
कार्तिक शु. ४ — शुक्रवार, नवंबर ३
नक्षत्र: मूल  |  योग: अतिगंड  |  करण: विष्टि
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३६
🌇सूर्यास्त१७:५९
🌙चंद्रोदय१०:०५
⏱दिन की अवधि११ घंटे २२ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रमूल
योगअतिगंड
करणविष्टि
चंद्र राशिधनु
🕐 चौघड़िया
चर ०६:३६ – ०८:०१
लाभ ०८:०१ – ०९:२७
अमृत ०९:२७ – १०:५२
काल १०:५२ – १२:१८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५५ – १२:४०
राहुकाल ⚠
१०:५२ – १२:१८
यमगंड
१५:०८ – १६:३४
शनिवार
४
पंचमी
कार्तिक शु. ५ — शनिवार, नवंबर ४
नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा  |  योग: सुकर्मा  |  करण: बालव
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३६
🌇सूर्यास्त१७:५९
🌙चंद्रोदय११:०३
⏱दिन की अवधि११ घंटे २२ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा
योगसुकर्मा
करणबालव
चंद्र राशिधनु
🕐 चौघड़िया
काल ०६:३६ – ०८:०२
शुभ ०८:०२ – ०९:२७
रोग ०९:२७ – १०:५२
उद्वेग १०:५२ – १२:१८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५५ – १२:४०
राहुकाल ⚠
०९:२७ – १०:५२
यमगंड
१३:४३ – १५:०८
रविवार
५
षष्ठी
कार्तिक शु. ६ — रविवार, नवंबर ५
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा  |  योग: शूल  |  करण: तैतिल
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३७
🌇सूर्यास्त१७:५८
🌙चंद्रोदय११:५७
⏱दिन की अवधि११ घंटे २१ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा
योगशूल
करणतैतिल
चंद्र राशिधनु
🕐 चौघड़िया
उद्वेग ०६:३७ – ०८:०२
चर ०८:०२ – ०९:२७
लाभ ०९:२७ – १०:५२
अमृत १०:५२ – १२:१८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५५ – १२:४०
राहुकाल ⚠
१६:३३ – १७:५८
यमगंड
१२:१८ – १३:४३
📋 साप्ताहिक सारांश
पक्षकृष्ण पक्ष
तिथिअमावस्या – षष्ठी
महीनाआश्विन
सूर्योदय⬆ ०६:३४ → ०६:३७
सूर्यास्त⬇ १८:०१ → १७:५८
विक्रम संवत२१३०
🎊 इस सप्ताह के त्योहार
🪷

लक्ष्मी पूजन (दीपावली)

सोमवार, अक्टूबर ३० · अमावस्या

🪷

गोवर्धन पूजा / बलि प्रतिपदा

मंगलवार, अक्टूबर ३१ · प्रतिपदा

🪷

भाई दूज

बुधवार, नवंबर १ · द्वितीया

✨ शुभ मुहूर्त
💍

विवाह मुहूर्त

इस सप्ताह का अभिजित मुहूर्त और अमृत योग उत्तम है।

🏠

गृहप्रवेश व नवीन खरेदी

शुभ चौघड़िया और अमृत काल में उत्तम मुहूर्त निर्धारित किया जा सकता है।

🌍 ग्रह स्थिति
☀️if($langCode==='gu')સૂર્ય@elseसूर्यतुला
🌙if($langCode==='gu')ચંદ્ર@elseचंद्रतुला → धनु
🪐विक्रम संवतशक संवत १९९५
सरस्वती नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि।
विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा॥
— सरस्वती स्तोत्र
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ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः।

May all be happy. May all be free from illness.

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