ज्येष्ठा नक्षत्र
देवता: इंद्र • स्वामी: बुध
मेष संक्रांति (वैशाखी / पोहेला बोइशाख / विशु)
सूर्य का मेष राशि में प्रवेश। भारत के विभिन्न राज्यों में सौर नव वर्ष का प्रारंभ।
गंडमूल नक्षत्र सावधानी
आज गंडमूल नक्षत्र है. इस अवधि में नए और अत्यंत महत्वपूर्ण शुभ कार्यों की शुरुआत करना वर्जित माना जाता है.
अभिजित मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है।
⏰ अभिजित मुहूर्त: –