उत्तराषाढ़ा नक्षत्र
देवता: विश्वेदेव • स्वामी: सूर्य
गुरु पूर्णिमा
आषाढ़ पूर्णिमा को महर्षि वेद व्यास और गुरुओं के सम्मान में गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है।
भद्रा (विष्टि करण) सावधानी
आज भद्रा (विष्टि करण) काल शुरू है. इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य महत्वपूर्ण शुभ कार्य करना वर्जित है.
अभिजित मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है।
⏰ अभिजित मुहूर्त: १२:१५ – १३:०६