धनिष्ठा नक्षत्र
देवता: अष्टवसू • स्वामी: मंगळ
द्विपुष्कर योग
इस योग में किए गए किसी भी शुभ कार्य का फल दोगुना मिलता है.
भद्रा (विष्टि करण) सावधानी
आज भद्रा (विष्टि करण) काल शुरू है. इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य महत्वपूर्ण शुभ कार्य करना वर्जित है.
अभिजित मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है।
⏰ अभिजित मुहूर्त: –