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सितंबर २४–३०, २०२८

आश्विन शु. षष्ठी – आश्विन शु. द्वादशी

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ग्रेगोरियन २०२८
📅 साप्ताहिक पंचांग
आश्विन शु. ६ – शु. १२
सितंबर २४–३०, २०२८  ·  शक संवत १९५० • विक्रम संवत २०८५
🌙 शुक्ल पक्ष
♒ वृश्चिक चंद्र राशि
🪷 शरद नवरात्रि प्रारंभ
🪷 शरद नवरात्रि प्रारंभ
७
दिन
५
त्योहार और व्रत
०
सार्वजनिक अवकाश
🌙
पक्ष
रविवार
२४
षष्ठी
आश्विन शु. ६ — रविवार, सितंबर २४
नक्षत्र: ज्येष्ठा  |  योग: प्रीति  |  करण: तैतिल
शरद नवरात्रि प्रारंभ
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२५
🌇सूर्यास्त१८:२७
🌙चंद्रोदय११:५८
⏱दिन की अवधि१२ घंटे २ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रज्येष्ठा
योगप्रीति
करणतैतिल
चंद्र राशिवृश्चिक
🕐 चौघड़िया
उद्वेग ०६:२५ – ०७:५५
चर ०७:५५ – ०९:२५
लाभ ०९:२५ – १०:५६
अमृत १०:५६ – १२:२६
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
१२:०२ – १२:५०
राहुकाल ⚠
१६:५७ – १८:२७
यमगंड
१२:२६ – १३:५६
सोमवार
२५
सप्तमी
आश्विन शु. ७ — सोमवार, सितंबर २५
नक्षत्र: मूल  |  योग: सौभाग्य  |  करण: वणिज
शरद नवरात्रि प्रारंभ
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२५
🌇सूर्यास्त१८:२६
🌙चंद्रोदय१२:५३
⏱दिन की अवधि१२ घंटे १ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रमूल
योगसौभाग्य
करणवणिज
चंद्र राशिधनु
🕐 चौघड़िया
अमृत ०६:२५ – ०७:५५
काल ०७:५५ – ०९:२५
शुभ ०९:२५ – १०:५५
रोग १०:५५ – १२:२६
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
१२:०१ – १२:५०
राहुकाल ⚠
०७:५५ – ०९:२५
यमगंड
१०:५५ – १२:२६
मंगलवार
२६
अष्टमी
आश्विन शु. ८ — मंगलवार, सितंबर २६
नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा  |  योग: शोभन  |  करण: बव
शरद नवरात्रि प्रारंभ
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२५
🌇सूर्यास्त१८:२५
🌙चंद्रोदय१३:४३
⏱दिन की अवधि१२ घंटे ० मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा
योगशोभन
करणबव
चंद्र राशिधनु
🕐 चौघड़िया
रोग ०६:२५ – ०७:५५
उद्वेग ०७:५५ – ०९:२५
चर ०९:२५ – १०:५५
लाभ १०:५५ – १२:२५
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
१२:०१ – १२:४९
राहुकाल ⚠
१५:२५ – १६:५५
यमगंड
०९:२५ – १०:५५
बुधवार
२७
नवमी
आश्विन शु. ९ — बुधवार, सितंबर २७
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा  |  योग: अतिगंड  |  करण: कौलव
शरद नवरात्रि प्रारंभ दशहरा / विजयादशमी 🌍 विश्व पर्यटन दिवस
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२५
🌇सूर्यास्त१८:२५
🌙चंद्रोदय१४:२८
⏱दिन की अवधि११ घंटे ५९ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा
योगअतिगंड
करणकौलव
चंद्र राशिधनु
🕐 चौघड़िया
लाभ ०६:२५ – ०७:५५
अमृत ०७:५५ – ०९:२५
काल ०९:२५ – १०:५५
शुभ १०:५५ – १२:२५
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
१२:०१ – १२:४९
राहुकाल ⚠
१२:२५ – १३:५५
यमगंड
०७:५५ – ०९:२५
गुरुवार
२८
दशमी
आश्विन शु. १० — गुरुवार, सितंबर २८
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा  |  योग: सुकर्मा  |  करण: गर
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२५
🌇सूर्यास्त१८:२४
🌙चंद्रोदय१५:०९
⏱दिन की अवधि११ घंटे ५८ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा
योगसुकर्मा
करणगर
चंद्र राशिमकर
🕐 चौघड़िया
शुभ ०६:२५ – ०७:५५
रोग ०७:५५ – ०९:२५
उद्वेग ०९:२५ – १०:५५
चर १०:५५ – १२:२४
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
१२:०१ – १२:४८
राहुकाल ⚠
१३:५४ – १५:२४
यमगंड
०६:२५ – ०७:५५
शुक्रवार
२९
एकादशी
आश्विन शु. ११ — शुक्रवार, सितंबर २९
नक्षत्र: श्रवण  |  योग: धृति  |  करण: विष्टि
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२५
🌇सूर्यास्त१८:२३
🌙चंद्रोदय१५:४६
⏱दिन की अवधि११ घंटे ५७ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रश्रवण
योगधृति
करणविष्टि
चंद्र राशिमकर
🕐 चौघड़िया
चर ०६:२५ – ०७:५५
लाभ ०७:५५ – ०९:२५
अमृत ०९:२५ – १०:५४
काल १०:५४ – १२:२४
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
१२:०० – १२:४८
राहुकाल ⚠
१०:५४ – १२:२४
यमगंड
१५:२४ – १६:५३
शनिवार
३०
द्वादशी
आश्विन शु. १२ — शनिवार, सितंबर ३०
नक्षत्र: धनिष्ठा  |  योग: धृति  |  करण: बालव
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२६
🌇सूर्यास्त१८:२२
🌙चंद्रोदय१६:२०
⏱दिन की अवधि११ घंटे ५६ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रधनिष्ठा
योगधृति
करणबालव
चंद्र राशिकुंभ
🕐 चौघड़िया
काल ०६:२६ – ०७:५५
शुभ ०७:५५ – ०९:२५
रोग ०९:२५ – १०:५४
उद्वेग १०:५४ – १२:२४
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
१२:०० – १२:४८
राहुकाल ⚠
०९:२५ – १०:५४
यमगंड
१३:५३ – १५:२३
📋 साप्ताहिक सारांश
पक्षशुक्ल पक्ष
तिथिषष्ठी – द्वादशी
महीनाआश्विन
सूर्योदय⬆ ०६:२५ → ०६:२६
सूर्यास्त⬇ १८:२७ → १८:२२
विक्रम संवत२०८५
🎊 इस सप्ताह के त्योहार
🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

रविवार, सितंबर २४ · षष्ठी

🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

सोमवार, सितंबर २५ · सप्तमी

🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

मंगलवार, सितंबर २६ · अष्टमी

🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

बुधवार, सितंबर २७ · नवमी

🪷

दशहरा / विजयादशमी

बुधवार, सितंबर २७ · नवमी

✨ शुभ मुहूर्त
💍

विवाह मुहूर्त

इस सप्ताह का अभिजित मुहूर्त और अमृत योग उत्तम है।

🏠

गृहप्रवेश व नवीन खरेदी

शुभ चौघड़िया और अमृत काल में उत्तम मुहूर्त निर्धारित किया जा सकता है।

🌍 ग्रह स्थिति
☀️if($langCode==='gu')સૂર્ય@elseसूर्यकन्या
🌙if($langCode==='gu')ચંદ્ર@elseचंद्रवृश्चिक → कुंभ
🪐विक्रम संवतशक संवत १९५०
सरस्वती नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि।
विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा॥
— सरस्वती स्तोत्र
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ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः।

May all be happy. May all be free from illness.

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