मूल नक्षत्र
देवता: निरृती • स्वामी: केतू
शरद नवरात्रि प्रारंभ
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
गंडमूल नक्षत्र सावधानी
आज गंडमूल नक्षत्र है. इस अवधि में नए और अत्यंत महत्वपूर्ण शुभ कार्यों की शुरुआत करना वर्जित माना जाता है.
भद्रा (विष्टि करण) सावधानी
आज भद्रा (विष्टि करण) काल शुरू है. इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य महत्वपूर्ण शुभ कार्य करना वर्जित है.
अभिजित मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है।
⏰ अभिजित मुहूर्त: –