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अक्टूबर २४–३०, २०२७

आश्विन कृ. नवमी – कार्तिक शु. प्रतिपदा

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ग्रेगोरियन २०२७
📅 साप्ताहिक पंचांग
आश्विन कृ. ९ – शु. १
अक्टूबर २४–३०, २०२७  ·  शक संवत १९४९ • विक्रम संवत २०८४
🌙 कृष्ण पक्ष
♒ कर्क चंद्र राशि
🪷 धनतेरस (धनत्रयोदशी)
🪷 नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली)
७
दिन
४
त्योहार और व्रत
०
सार्वजनिक अवकाश
🌙
पक्ष
रविवार
२४
नवमी
आश्विन कृ. ९ — रविवार, अक्टूबर २४
नक्षत्र: आश्लेषा  |  योग: शुभ  |  करण: गर
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३२
🌇सूर्यास्त१८:०५
🌙चंद्रोदय०२:१३
⏱दिन की अवधि११ घंटे ३२ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रआश्लेषा
योगशुभ
करणगर
चंद्र राशिकर्क
🕐 चौघड़िया
उद्वेग ०६:३२ – ०७:५८
चर ०७:५८ – ०९:२५
लाभ ०९:२५ – १०:५२
अमृत १०:५२ – १२:१८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५५ – १२:४१
राहुकाल ⚠
१६:३८ – १८:०५
यमगंड
१२:१८ – १३:४५
सोमवार
२५
एकादशी
आश्विन कृ. ११ — सोमवार, अक्टूबर २५
नक्षत्र: मघा  |  योग: शुक्ल  |  करण: बव
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३२
🌇सूर्यास्त१८:०४
🌙चंद्रोदय०३:१२
⏱दिन की अवधि११ घंटे ३१ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रमघा
योगशुक्ल
करणबव
चंद्र राशिसिंह
🕐 चौघड़िया
अमृत ०६:३२ – ०७:५९
काल ०७:५९ – ०९:२५
शुभ ०९:२५ – १०:५२
रोग १०:५२ – १२:१८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५५ – १२:४१
राहुकाल ⚠
०७:५९ – ०९:२५
यमगंड
१०:५२ – १२:१८
मंगलवार
२६
द्वादशी
आश्विन कृ. १२ — मंगलवार, अक्टूबर २६
नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी  |  योग: ब्रह्म  |  करण: कौलव
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३२
🌇सूर्यास्त१८:०३
🌙चंद्रोदय०४:१०
⏱दिन की अवधि११ घंटे ३१ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी
योगब्रह्म
करणकौलव
चंद्र राशिसिंह
🕐 चौघड़िया
रोग ०६:३२ – ०७:५९
उद्वेग ०७:५९ – ०९:२५
चर ०९:२५ – १०:५२
लाभ १०:५२ – १२:१८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५५ – १२:४१
राहुकाल ⚠
१५:११ – १६:३७
यमगंड
०९:२५ – १०:५२
बुधवार
२७
त्रयोदशी
आश्विन कृ. १३ — बुधवार, अक्टूबर २७
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी  |  योग: इंद्र  |  करण: गर
धनतेरस (धनत्रयोदशी)
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३३
🌇सूर्यास्त१८:०३
🌙चंद्रोदय०५:०८
⏱दिन की अवधि११ घंटे ३० मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी
योगइंद्र
करणगर
चंद्र राशिकन्या
🕐 चौघड़िया
लाभ ०६:३३ – ०७:५९
अमृत ०७:५९ – ०९:२५
काल ०९:२५ – १०:५२
शुभ १०:५२ – १२:१८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५५ – १२:४१
राहुकाल ⚠
१२:१८ – १३:४४
यमगंड
०७:५९ – ०९:२५
गुरुवार
२८
चतुर्दशी
आश्विन कृ. १४ — गुरुवार, अक्टूबर २८
नक्षत्र: हस्त  |  योग: विष्कंभ  |  करण: विष्टि
नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली)
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३३
🌇सूर्यास्त१८:०२
🌙चंद्रोदय०६:०७
⏱दिन की अवधि११ घंटे २९ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रहस्त
योगविष्कंभ
करणविष्टि
चंद्र राशिकन्या
🕐 चौघड़िया
शुभ ०६:३३ – ०७:५९
रोग ०७:५९ – ०९:२५
उद्वेग ०९:२५ – १०:५२
चर १०:५२ – १२:१८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५५ – १२:४१
राहुकाल ⚠
१३:४४ – १५:१०
यमगंड
०६:३३ – ०७:५९
शुक्रवार
२९
अमावस्या
आश्विन कृ. १५ — शुक्रवार, अक्टूबर २९
नक्षत्र: चित्रा  |  योग: प्रीति  |  करण: चतुष्पाद
🌑 लक्ष्मी पूजन (दीपावली)
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३४
🌇सूर्यास्त१८:०२
🌙चंद्रास्त१७:४१
⏱दिन की अवधि११ घंटे २८ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रचित्रा
योगप्रीति
करणचतुष्पाद
चंद्र राशितुला
🕐 चौघड़िया
चर ०६:३४ – ०८:००
लाभ ०८:०० – ०९:२६
अमृत ०९:२६ – १०:५२
काल १०:५२ – १२:१८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५५ – १२:४१
राहुकाल ⚠
१०:५२ – १२:१८
यमगंड
१५:१० – १६:३६
शनिवार
३०
प्रतिपदा
कार्तिक शु. १ — शनिवार, अक्टूबर ३०
नक्षत्र: स्वाति  |  योग: आयुष्मान  |  करण: बव
गोवर्धन पूजा / बलि प्रतिपदा
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३४
🌇सूर्यास्त१८:०१
🌙चंद्रोदय०७:०७
⏱दिन की अवधि११ घंटे २७ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रस्वाति
योगआयुष्मान
करणबव
चंद्र राशितुला
🕐 चौघड़िया
काल ०६:३४ – ०८:००
शुभ ०८:०० – ०९:२६
रोग ०९:२६ – १०:५२
उद्वेग १०:५२ – १२:१८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५५ – १२:४१
राहुकाल ⚠
०९:२६ – १०:५२
यमगंड
१३:४४ – १५:०९
📋 साप्ताहिक सारांश
पक्षकृष्ण पक्ष
तिथिनवमी – प्रतिपदा
महीनाआश्विन
सूर्योदय⬆ ०६:३२ → ०६:३४
सूर्यास्त⬇ १८:०५ → १८:०१
विक्रम संवत२०८४
🎊 इस सप्ताह के त्योहार
🪷

धनतेरस (धनत्रयोदशी)

बुधवार, अक्टूबर २७ · त्रयोदशी

🪷

नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली)

गुरुवार, अक्टूबर २८ · चतुर्दशी

🪷

लक्ष्मी पूजन (दीपावली)

शुक्रवार, अक्टूबर २९ · अमावस्या

🪷

गोवर्धन पूजा / बलि प्रतिपदा

शनिवार, अक्टूबर ३० · प्रतिपदा

✨ शुभ मुहूर्त
💍

विवाह मुहूर्त

इस सप्ताह का अभिजित मुहूर्त और अमृत योग उत्तम है।

🏠

गृहप्रवेश व नवीन खरेदी

शुभ चौघड़िया और अमृत काल में उत्तम मुहूर्त निर्धारित किया जा सकता है।

🌍 ग्रह स्थिति
☀️if($langCode==='gu')સૂર્ય@elseसूर्यतुला
🌙if($langCode==='gu')ચંદ્ર@elseचंद्रकर्क → तुला
🪐विक्रम संवतशक संवत १९४९
सरस्वती नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि।
विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा॥
— सरस्वती स्तोत्र
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ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः।

May all be happy. May all be free from illness.

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