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अक्टूबर २४–३०, २००३

आश्विन कृ. चतुर्दशी – कार्तिक शु. षष्ठी

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ग्रेगोरियन २००३
📅 साप्ताहिक पंचांग
आश्विन कृ. १४ – शु. ६
अक्टूबर २४–३०, २००३  ·  शक संवत १९२५ • विक्रम संवत २०६०
🌙 कृष्ण पक्ष
♒ कन्या चंद्र राशि
🪷 नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली)
🪷 लक्ष्मी पूजन (दीपावली)
७
दिन
४
त्योहार और व्रत
०
सार्वजनिक अवकाश
🌙
पक्ष
शुक्रवार
२४
चतुर्दशी
आश्विन कृ. १४ — शुक्रवार, अक्टूबर २४
नक्षत्र: हस्त  |  योग: वैधृति  |  करण: विष्टि
नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली)
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३२
🌇सूर्यास्त१८:०५
🌙चंद्रोदय०६:०६
⏱दिन की अवधि११ घंटे ३३ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रहस्त
योगवैधृति
करणविष्टि
चंद्र राशिकन्या
🕐 चौघड़िया
चर ०६:३२ – ०७:५८
लाभ ०७:५८ – ०९:२५
अमृत ०९:२५ – १०:५२
काल १०:५२ – १२:१८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५५ – १२:४१
राहुकाल ⚠
१०:५२ – १२:१८
यमगंड
१५:१२ – १६:३८
शनिवार
२५
अमावस्या
आश्विन कृ. १५ — शनिवार, अक्टूबर २५
नक्षत्र: चित्रा  |  योग: विष्कंभ  |  करण: चतुष्पाद
🌑 लक्ष्मी पूजन (दीपावली)
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३२
🌇सूर्यास्त१८:०४
🌙चंद्रास्त१८:०४
⏱दिन की अवधि११ घंटे ३२ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रचित्रा
योगविष्कंभ
करणचतुष्पाद
चंद्र राशितुला
🕐 चौघड़िया
काल ०६:३२ – ०७:५९
शुभ ०७:५९ – ०९:२५
रोग ०९:२५ – १०:५२
उद्वेग १०:५२ – १२:१८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५५ – १२:४१
राहुकाल ⚠
०९:२५ – १०:५२
यमगंड
१३:४५ – १५:११
रविवार
२६
प्रतिपदा
कार्तिक शु. १ — रविवार, अक्टूबर २६
नक्षत्र: स्वाति  |  योग: प्रीति  |  करण: बव
गोवर्धन पूजा / बलि प्रतिपदा भाई दूज
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३२
🌇सूर्यास्त१८:०४
🌙चंद्रोदय०७:०९
⏱दिन की अवधि११ घंटे ३१ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रस्वाति
योगप्रीति
करणबव
चंद्र राशितुला
🕐 चौघड़िया
उद्वेग ०६:३२ – ०७:५९
चर ०७:५९ – ०९:२५
लाभ ०९:२५ – १०:५२
अमृत १०:५२ – १२:१८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५५ – १२:४१
राहुकाल ⚠
१६:३७ – १८:०४
यमगंड
१२:१८ – १३:४४
सोमवार
२७
द्वितीया
कार्तिक शु. २ — सोमवार, अक्टूबर २७
नक्षत्र: विशाखा  |  योग: आयुष्मान  |  करण: कौलव
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३३
🌇सूर्यास्त१८:०३
🌙चंद्रोदय०८:१६
⏱दिन की अवधि११ घंटे ३० मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रविशाखा
योगआयुष्मान
करणकौलव
चंद्र राशिवृश्चिक
🕐 चौघड़िया
अमृत ०६:३३ – ०७:५९
काल ०७:५९ – ०९:२५
शुभ ०९:२५ – १०:५२
रोग १०:५२ – १२:१८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५५ – १२:४१
राहुकाल ⚠
०७:५९ – ०९:२५
यमगंड
१०:५२ – १२:१८
मंगलवार
२८
तृतीया
कार्तिक शु. ३ — मंगलवार, अक्टूबर २८
नक्षत्र: अनुराधा  |  योग: शोभन  |  करण: गर
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३३
🌇सूर्यास्त१८:०२
🌙चंद्रोदय०९:२४
⏱दिन की अवधि११ घंटे २९ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रअनुराधा
योगशोभन
करणगर
चंद्र राशिवृश्चिक
🕐 चौघड़िया
रोग ०६:३३ – ०७:५९
उद्वेग ०७:५९ – ०९:२५
चर ०९:२५ – १०:५२
लाभ १०:५२ – १२:१८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५५ – १२:४१
राहुकाल ⚠
१५:१० – १६:३६
यमगंड
०९:२५ – १०:५२
बुधवार
२९
पंचमी
कार्तिक शु. ५ — बुधवार, अक्टूबर २९
नक्षत्र: मूल  |  योग: अतिगंड  |  करण: बव
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३४
🌇सूर्यास्त१८:०२
🌙चंद्रोदय१०:३१
⏱दिन की अवधि११ घंटे २८ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रमूल
योगअतिगंड
करणबव
चंद्र राशिधनु
🕐 चौघड़िया
लाभ ०६:३४ – ०८:००
अमृत ०८:०० – ०९:२६
काल ०९:२६ – १०:५२
शुभ १०:५२ – १२:१८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५५ – १२:४१
राहुकाल ⚠
१२:१८ – १३:४४
यमगंड
०८:०० – ०९:२६
गुरुवार
३०
षष्ठी
कार्तिक शु. ६ — गुरुवार, अक्टूबर ३०
नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा  |  योग: सुकर्मा  |  करण: कौलव
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३४
🌇सूर्यास्त१८:०१
🌙चंद्रोदय११:३५
⏱दिन की अवधि११ घंटे २७ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा
योगसुकर्मा
करणकौलव
चंद्र राशिधनु
🕐 चौघड़िया
शुभ ०६:३४ – ०८:००
रोग ०८:०० – ०९:२६
उद्वेग ०९:२६ – १०:५२
चर १०:५२ – १२:१८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५५ – १२:४१
राहुकाल ⚠
१३:४४ – १५:१०
यमगंड
०६:३४ – ०८:००
📋 साप्ताहिक सारांश
पक्षकृष्ण पक्ष
तिथिचतुर्दशी – षष्ठी
महीनाआश्विन
सूर्योदय⬆ ०६:३२ → ०६:३४
सूर्यास्त⬇ १८:०५ → १८:०१
विक्रम संवत२०६०
🎊 इस सप्ताह के त्योहार
🪷

नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली)

शुक्रवार, अक्टूबर २४ · चतुर्दशी

🪷

लक्ष्मी पूजन (दीपावली)

शनिवार, अक्टूबर २५ · अमावस्या

🪷

गोवर्धन पूजा / बलि प्रतिपदा

रविवार, अक्टूबर २६ · प्रतिपदा

🪷

भाई दूज

रविवार, अक्टूबर २६ · प्रतिपदा

✨ शुभ मुहूर्त
💍

विवाह मुहूर्त

इस सप्ताह का अभिजित मुहूर्त और अमृत योग उत्तम है।

🏠

गृहप्रवेश व नवीन खरेदी

शुभ चौघड़िया और अमृत काल में उत्तम मुहूर्त निर्धारित किया जा सकता है।

🌍 ग्रह स्थिति
☀️if($langCode==='gu')સૂર્ય@elseसूर्यतुला
🌙if($langCode==='gu')ચંદ્ર@elseचंद्रकन्या → धनु
🪐विक्रम संवतशक संवत १९२५
सरस्वती नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि।
विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा॥
— सरस्वती स्तोत्र
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ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः।

May all be happy. May all be free from illness.

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वर्ष 2003 लॉक है

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