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अक्टूबर २–८, २००५

भाद्रपद कृ. चतुर्दशी – आश्विन शु. पंचमी

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ग्रेगोरियन २००५
📅 साप्ताहिक पंचांग
भाद्रपद कृ. १४ – शु. ५
अक्टूबर २–८, २००५  ·  शक संवत १९२७ • विक्रम संवत २०६२
🌙 कृष्ण पक्ष
♒ सिंह चंद्र राशि
🪷 शरद नवरात्रि प्रारंभ
🪷 शरद नवरात्रि प्रारंभ
७
दिन
५
त्योहार और व्रत
०
सार्वजनिक अवकाश
🌙
पक्ष
रविवार
२
चतुर्दशी
भाद्रपद कृ. १४ — रविवार, अक्टूबर २
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी  |  योग: शुक्ल  |  करण: शकुनि
🌍 गांधी जयंती
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२६
🌇सूर्यास्त१८:२१
🌙चंद्रोदय०६:११
⏱दिन की अवधि११ घंटे ५४ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी
योगशुक्ल
करणशकुनि
चंद्र राशिसिंह
🕐 चौघड़िया
उद्वेग ०६:२६ – ०७:५५
चर ०७:५५ – ०९:२५
लाभ ०९:२५ – १०:५४
अमृत १०:५४ – १२:२३
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५९ – १२:४७
राहुकाल ⚠
१६:५१ – १८:२१
यमगंड
१२:२३ – १३:५३
सोमवार
३
अमावस्या
भाद्रपद कृ. १५ — सोमवार, अक्टूबर ३
नक्षत्र: हस्त  |  योग: ब्रह्म  |  करण: नाग
🌑
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२६
🌇सूर्यास्त१८:२०
🌙चंद्रास्त१८:२०
⏱दिन की अवधि११ घंटे ५३ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रहस्त
योगब्रह्म
करणनाग
चंद्र राशिकन्या
🕐 चौघड़िया
अमृत ०६:२६ – ०७:५५
काल ०७:५५ – ०९:२५
शुभ ०९:२५ – १०:५४
रोग १०:५४ – १२:२३
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५९ – १२:४७
राहुकाल ⚠
०७:५५ – ०९:२५
यमगंड
१०:५४ – १२:२३
मंगलवार
४
प्रतिपदा
आश्विन शु. १ — मंगलवार, अक्टूबर ४
नक्षत्र: चित्रा  |  योग: इंद्र  |  करण: बव
शरद नवरात्रि प्रारंभ
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२६
🌇सूर्यास्त१८:१९
🌙चंद्रोदय०७:०१
⏱दिन की अवधि११ घंटे ५२ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रचित्रा
योगइंद्र
करणबव
चंद्र राशिकन्या
🕐 चौघड़िया
रोग ०६:२६ – ०७:५५
उद्वेग ०७:५५ – ०९:२५
चर ०९:२५ – १०:५४
लाभ १०:५४ – १२:२३
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५९ – १२:४६
राहुकाल ⚠
१५:२१ – १६:५०
यमगंड
०९:२५ – १०:५४
बुधवार
५
द्वितीया
आश्विन शु. २ — बुधवार, अक्टूबर ५
नक्षत्र: चित्रा  |  योग: वैधृति  |  करण: कौलव
शरद नवरात्रि प्रारंभ
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२७
🌇सूर्यास्त१८:१८
🌙चंद्रोदय०७:५३
⏱दिन की अवधि११ घंटे ५१ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रचित्रा
योगवैधृति
करणकौलव
चंद्र राशितुला
🕐 चौघड़िया
लाभ ०६:२७ – ०७:५५
अमृत ०७:५५ – ०९:२४
काल ०९:२४ – १०:५३
शुभ १०:५३ – १२:२२
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५९ – १२:४६
राहुकाल ⚠
१२:२२ – १३:५१
यमगंड
०७:५५ – ०९:२४
गुरुवार
६
तृतीया
आश्विन शु. ३ — गुरुवार, अक्टूबर ६
नक्षत्र: स्वाति  |  योग: विष्कंभ  |  करण: गर
शरद नवरात्रि प्रारंभ
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२७
🌇सूर्यास्त१८:१७
🌙चंद्रोदय०८:४८
⏱दिन की अवधि११ घंटे ५० मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रस्वाति
योगविष्कंभ
करणगर
चंद्र राशितुला
🕐 चौघड़िया
शुभ ०६:२७ – ०७:५६
रोग ०७:५६ – ०९:२४
उद्वेग ०९:२४ – १०:५३
चर १०:५३ – १२:२२
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५८ – १२:४६
राहुकाल ⚠
१३:५१ – १५:२०
यमगंड
०६:२७ – ०७:५६
शुक्रवार
७
चतुर्थी
आश्विन शु. ४ — शुक्रवार, अक्टूबर ७
नक्षत्र: विशाखा  |  योग: प्रीति  |  करण: विष्टि
शरद नवरात्रि प्रारंभ
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२७
🌇सूर्यास्त१८:१७
🌙चंद्रोदय०९:४६
⏱दिन की अवधि११ घंटे ४९ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रविशाखा
योगप्रीति
करणविष्टि
चंद्र राशिवृश्चिक
🕐 चौघड़िया
चर ०६:२७ – ०७:५६
लाभ ०७:५६ – ०९:२४
अमृत ०९:२४ – १०:५३
काल १०:५३ – १२:२२
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५८ – १२:४५
राहुकाल ⚠
१०:५३ – १२:२२
यमगंड
१५:१९ – १६:४८
शनिवार
८
पंचमी
आश्विन शु. ५ — शनिवार, अक्टूबर ८
नक्षत्र: अनुराधा  |  योग: आयुष्मान  |  करण: बालव
शरद नवरात्रि प्रारंभ
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२७
🌇सूर्यास्त१८:१६
🌙चंद्रोदय१०:४७
⏱दिन की अवधि११ घंटे ४८ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रअनुराधा
योगआयुष्मान
करणबालव
चंद्र राशिवृश्चिक
🕐 चौघड़िया
काल ०६:२७ – ०७:५६
शुभ ०७:५६ – ०९:२४
रोग ०९:२४ – १०:५३
उद्वेग १०:५३ – १२:२२
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५८ – १२:४५
राहुकाल ⚠
०९:२४ – १०:५३
यमगंड
१३:५० – १५:१९
📋 साप्ताहिक सारांश
पक्षकृष्ण पक्ष
तिथिचतुर्दशी – पंचमी
महीनाभाद्रपद
सूर्योदय⬆ ०६:२६ → ०६:२७
सूर्यास्त⬇ १८:२१ → १८:१६
विक्रम संवत२०६२
🎊 इस सप्ताह के त्योहार
🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

मंगलवार, अक्टूबर ४ · प्रतिपदा

🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

बुधवार, अक्टूबर ५ · द्वितीया

🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

गुरुवार, अक्टूबर ६ · तृतीया

🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

शुक्रवार, अक्टूबर ७ · चतुर्थी

🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

शनिवार, अक्टूबर ८ · पंचमी

✨ शुभ मुहूर्त
💍

विवाह मुहूर्त

इस सप्ताह का अभिजित मुहूर्त और अमृत योग उत्तम है।

🏠

गृहप्रवेश व नवीन खरेदी

शुभ चौघड़िया और अमृत काल में उत्तम मुहूर्त निर्धारित किया जा सकता है।

🌍 ग्रह स्थिति
☀️if($langCode==='gu')સૂર્ય@elseसूर्यकन्या
🌙if($langCode==='gu')ચંદ્ર@elseचंद्रसिंह → वृश्चिक
🪐विक्रम संवतशक संवत १९२७
सरस्वती नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि।
विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा॥
— सरस्वती स्तोत्र
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ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः।

May all be happy. May all be free from illness.

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वर्ष 2005 लॉक है

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