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अक्टूबर १८–२४, २००७

आश्विन शु. सप्तमी – आश्विन शु. त्रयोदशी

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ग्रेगोरियन २००७
📅 साप्ताहिक पंचांग
आश्विन शु. ७ – शु. १३
अक्टूबर १८–२४, २००७  ·  शक संवत १९२९ • विक्रम संवत २०६४
🌙 शुक्ल पक्ष
♒ धनु चंद्र राशि
🪷 शरद नवरात्रि प्रारंभ
🪷 शरद नवरात्रि प्रारंभ
७
दिन
४
त्योहार और व्रत
०
सार्वजनिक अवकाश
🌙
पक्ष
गुरुवार
१८
सप्तमी
आश्विन शु. ७ — गुरुवार, अक्टूबर १८
नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा  |  योग: अतिगंड  |  करण: गर
शरद नवरात्रि प्रारंभ
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३०
🌇सूर्यास्त१८:०९
🌙चंद्रोदय१२:२४
⏱दिन की अवधि११ घंटे ३८ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा
योगअतिगंड
करणगर
चंद्र राशिधनु
🕐 चौघड़िया
शुभ ०६:३० – ०७:५७
रोग ०७:५७ – ०९:२४
उद्वेग ०९:२४ – १०:५२
चर १०:५२ – १२:१९
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५६ – १२:४३
राहुकाल ⚠
१३:४७ – १५:१४
यमगंड
०६:३० – ०७:५७
शुक्रवार
१९
अष्टमी
आश्विन शु. ८ — शुक्रवार, अक्टूबर १९
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा  |  योग: सुकर्मा  |  करण: विष्टि
शरद नवरात्रि प्रारंभ
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३०
🌇सूर्यास्त१८:०८
🌙चंद्रोदय१३:१२
⏱दिन की अवधि११ घंटे ३७ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा
योगसुकर्मा
करणविष्टि
चंद्र राशिधनु
🕐 चौघड़िया
चर ०६:३० – ०७:५७
लाभ ०७:५७ – ०९:२५
अमृत ०९:२५ – १०:५२
काल १०:५२ – १२:१९
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५६ – १२:४२
राहुकाल ⚠
१०:५२ – १२:१९
यमगंड
१५:१४ – १६:४१
शनिवार
२०
नवमी
आश्विन शु. ९ — शनिवार, अक्टूबर २०
नक्षत्र: श्रवण  |  योग: धृति  |  करण: बालव
शरद नवरात्रि प्रारंभ
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३०
🌇सूर्यास्त१८:०७
🌙चंद्रोदय१३:५७
⏱दिन की अवधि११ घंटे ३६ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रश्रवण
योगधृति
करणबालव
चंद्र राशिमकर
🕐 चौघड़िया
काल ०६:३० – ०७:५७
शुभ ०७:५७ – ०९:२५
रोग ०९:२५ – १०:५२
उद्वेग १०:५२ – १२:१९
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५६ – १२:४२
राहुकाल ⚠
०९:२५ – १०:५२
यमगंड
१३:४६ – १५:१३
रविवार
२१
दशमी
आश्विन शु. १० — रविवार, अक्टूबर २१
नक्षत्र: धनिष्ठा  |  योग: शूल  |  करण: तैतिल
दशहरा / विजयादशमी
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३१
🌇सूर्यास्त१८:०७
🌙चंद्रोदय१४:३९
⏱दिन की अवधि११ घंटे ३६ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रधनिष्ठा
योगशूल
करणतैतिल
चंद्र राशिमकर
🕐 चौघड़िया
उद्वेग ०६:३१ – ०७:५८
चर ०७:५८ – ०९:२५
लाभ ०९:२५ – १०:५२
अमृत १०:५२ – १२:१९
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५५ – १२:४२
राहुकाल ⚠
१६:४० – १८:०७
यमगंड
१२:१९ – १३:४६
सोमवार
२२
एकादशी
आश्विन शु. ११ — सोमवार, अक्टूबर २२
नक्षत्र: शतभिषा  |  योग: गंड  |  करण: वणिज
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३१
🌇सूर्यास्त१८:०६
🌙चंद्रोदय१५:१८
⏱दिन की अवधि११ घंटे ३५ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रशतभिषा
योगगंड
करणवणिज
चंद्र राशिकुंभ
🕐 चौघड़िया
अमृत ०६:३१ – ०७:५८
काल ०७:५८ – ०९:२५
शुभ ०९:२५ – १०:५२
रोग १०:५२ – १२:१९
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५५ – १२:४२
राहुकाल ⚠
०७:५८ – ०९:२५
यमगंड
१०:५२ – १२:१९
मंगलवार
२३
द्वादशी
आश्विन शु. १२ — मंगलवार, अक्टूबर २३
नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद  |  योग: वृद्धि  |  करण: बव
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३१
🌇सूर्यास्त१८:०५
🌙चंद्रोदय१५:५८
⏱दिन की अवधि११ घंटे ३४ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद
योगवृद्धि
करणबव
चंद्र राशिकुंभ
🕐 चौघड़िया
रोग ०६:३१ – ०७:५८
उद्वेग ०७:५८ – ०९:२५
चर ०९:२५ – १०:५२
लाभ १०:५२ – १२:१८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५५ – १२:४२
राहुकाल ⚠
१५:१२ – १६:३९
यमगंड
०९:२५ – १०:५२
बुधवार
२४
त्रयोदशी
आश्विन शु. १३ — बुधवार, अक्टूबर २४
नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद  |  योग: व्याघात  |  करण: कौलव
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:३२
🌇सूर्यास्त१८:०५
🌙चंद्रोदय१६:३८
⏱दिन की अवधि११ घंटे ३३ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद
योगव्याघात
करणकौलव
चंद्र राशिमीन
🕐 चौघड़िया
लाभ ०६:३२ – ०७:५८
अमृत ०७:५८ – ०९:२५
काल ०९:२५ – १०:५२
शुभ १०:५२ – १२:१८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
११:५५ – १२:४१
राहुकाल ⚠
१२:१८ – १३:४५
यमगंड
०७:५८ – ०९:२५
📋 साप्ताहिक सारांश
पक्षशुक्ल पक्ष
तिथिसप्तमी – त्रयोदशी
महीनाआश्विन
सूर्योदय⬆ ०६:३० → ०६:३२
सूर्यास्त⬇ १८:०९ → १८:०५
विक्रम संवत२०६४
🎊 इस सप्ताह के त्योहार
🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

गुरुवार, अक्टूबर १८ · सप्तमी

🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

शुक्रवार, अक्टूबर १९ · अष्टमी

🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

शनिवार, अक्टूबर २० · नवमी

🪷

दशहरा / विजयादशमी

रविवार, अक्टूबर २१ · दशमी

✨ शुभ मुहूर्त
💍

विवाह मुहूर्त

इस सप्ताह का अभिजित मुहूर्त और अमृत योग उत्तम है।

🏠

गृहप्रवेश व नवीन खरेदी

शुभ चौघड़िया और अमृत काल में उत्तम मुहूर्त निर्धारित किया जा सकता है।

🌍 ग्रह स्थिति
☀️if($langCode==='gu')સૂર્ય@elseसूर्यतुला
🌙if($langCode==='gu')ચંદ્ર@elseचंद्रधनु → मीन
🪐विक्रम संवतशक संवत १९२९
सरस्वती नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि।
विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा॥
— सरस्वती स्तोत्र
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ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः।

May all be happy. May all be free from illness.

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