पुष्य नक्षत्र
देवता: बृहस्पती • स्वामी: शनि
सर्वार्थ सिद्धि योग
सभी कार्यों को सिद्ध करने वाला अत्यंत शुभ योग.
अमृत सिद्धि योग
नए कार्यों की शुरुआत और धन लाभ के लिए अत्यंत शुभ योग.
गुरु पुष्य योग
वैभव, समृद्धि और ज्ञान प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ गुरु-पुष्य योग.
भद्रा (विष्टि करण) सावधानी
आज भद्रा (विष्टि करण) काल शुरू है. इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य महत्वपूर्ण शुभ कार्य करना वर्जित है.
अभिजित मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है।
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