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सितंबर १६–२२, २०२८

भाद्रपद कृ. द्वादशी – आश्विन शु. चतुर्थी

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ग्रेगोरियन २०२८
📅 साप्ताहिक पंचांग
भाद्रपद कृ. १२ – शु. ४
सितंबर १६–२२, २०२८  ·  शक संवत १९५० • विक्रम संवत २०८५
🌙 कृष्ण पक्ष
♒ कर्क चंद्र राशि
🪷 शरद नवरात्रि प्रारंभ
🪷 शरद नवरात्रि प्रारंभ
७
दिन
४
त्योहार और व्रत
०
सार्वजनिक अवकाश
🌙
पक्ष
शनिवार
१६
द्वादशी
भाद्रपद कृ. १२ — शनिवार, सितंबर १६
नक्षत्र: आश्लेषा  |  योग: शिव  |  करण: तैतिल
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२३
🌇सूर्यास्त१८:३४
🌙चंद्रोदय०४:३८
⏱दिन की अवधि१२ घंटे १० मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रआश्लेषा
योगशिव
करणतैतिल
चंद्र राशिकर्क
🕐 चौघड़िया
काल ०६:२३ – ०७:५५
शुभ ०७:५५ – ०९:२६
रोग ०९:२६ – १०:५७
उद्वेग १०:५७ – १२:२९
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
१२:०४ – १२:५३
राहुकाल ⚠
०९:२६ – १०:५७
यमगंड
१४:०० – १५:३१
रविवार
१७
त्रयोदशी
भाद्रपद कृ. १३ — रविवार, सितंबर १७
नक्षत्र: मघा  |  योग: सिद्ध  |  करण: वणिज
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२३
🌇सूर्यास्त१८:३३
🌙चंद्रोदय०५:४१
⏱दिन की अवधि१२ घंटे ९ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रमघा
योगसिद्ध
करणवणिज
चंद्र राशिसिंह
🕐 चौघड़िया
उद्वेग ०६:२३ – ०७:५५
चर ०७:५५ – ०९:२६
लाभ ०९:२६ – १०:५७
अमृत १०:५७ – १२:२८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
१२:०४ – १२:५३
राहुकाल ⚠
१७:०२ – १८:३३
यमगंड
१२:२८ – १४:००
सोमवार
१८
अमावस्या
भाद्रपद कृ. १५ — सोमवार, सितंबर १८
नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी  |  योग: साध्य  |  करण: चतुष्पाद
🌑
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२४
🌇सूर्यास्त१८:३२
🌙चंद्रास्त१८:०५
⏱दिन की अवधि१२ घंटे ८ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी
योगसाध्य
करणचतुष्पाद
चंद्र राशिसिंह
🕐 चौघड़िया
अमृत ०६:२४ – ०७:५५
काल ०७:५५ – ०९:२६
शुभ ०९:२६ – १०:५७
रोग १०:५७ – १२:२८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
१२:०४ – १२:५२
राहुकाल ⚠
०७:५५ – ०९:२६
यमगंड
१०:५७ – १२:२८
मंगलवार
१९
प्रतिपदा
आश्विन शु. १ — मंगलवार, सितंबर १९
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी  |  योग: शुक्ल  |  करण: किंस्तुघ्न
शरद नवरात्रि प्रारंभ
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२४
🌇सूर्यास्त१८:३२
🌙चंद्रोदय०६:४३
⏱दिन की अवधि१२ घंटे ७ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी
योगशुक्ल
करणकिंस्तुघ्न
चंद्र राशिकन्या
🕐 चौघड़िया
रोग ०६:२४ – ०७:५५
उद्वेग ०७:५५ – ०९:२६
चर ०९:२६ – १०:५७
लाभ १०:५७ – १२:२८
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
१२:०३ – १२:५२
राहुकाल ⚠
१५:३० – १७:०१
यमगंड
०९:२६ – १०:५७
बुधवार
२०
द्वितीया
आश्विन शु. २ — बुधवार, सितंबर २०
नक्षत्र: हस्त  |  योग: ब्रह्म  |  करण: कौलव
शरद नवरात्रि प्रारंभ
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२४
🌇सूर्यास्त१८:३१
🌙चंद्रोदय०७:४७
⏱दिन की अवधि१२ घंटे ६ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रहस्त
योगब्रह्म
करणकौलव
चंद्र राशिकन्या
🕐 चौघड़िया
लाभ ०६:२४ – ०७:५५
अमृत ०७:५५ – ०९:२६
काल ०९:२६ – १०:५६
शुभ १०:५६ – १२:२७
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
१२:०३ – १२:५१
राहुकाल ⚠
१२:२७ – १३:५८
यमगंड
०७:५५ – ०९:२६
गुरुवार
२१
तृतीया
आश्विन शु. ३ — गुरुवार, सितंबर २१
नक्षत्र: चित्रा  |  योग: इंद्र  |  करण: गर
शरद नवरात्रि प्रारंभ 🌍 अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२४
🌇सूर्यास्त१८:३०
🌙चंद्रोदय०८:५१
⏱दिन की अवधि१२ घंटे ५ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रचित्रा
योगइंद्र
करणगर
चंद्र राशितुला
🕐 चौघड़िया
शुभ ०६:२४ – ०७:५५
रोग ०७:५५ – ०९:२५
उद्वेग ०९:२५ – १०:५६
चर १०:५६ – १२:२७
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
१२:०३ – १२:५१
राहुकाल ⚠
१३:५८ – १५:२८
यमगंड
०६:२४ – ०७:५५
शुक्रवार
२२
चतुर्थी
आश्विन शु. ४ — शुक्रवार, सितंबर २२
नक्षत्र: विशाखा  |  योग: वैधृति  |  करण: विष्टि
शरद नवरात्रि प्रारंभ
🌅 खगोलीय जानकारी
🌅सूर्योदय०६:२४
🌇सूर्यास्त१८:२९
🌙चंद्रोदय०९:५५
⏱दिन की अवधि१२ घंटे ४ मिनट
📿 पंचांग विवरण
नक्षत्रविशाखा
योगवैधृति
करणविष्टि
चंद्र राशितुला
🕐 चौघड़िया
चर ०६:२४ – ०७:५५
लाभ ०७:५५ – ०९:२५
अमृत ०९:२५ – १०:५६
काल १०:५६ – १२:२७
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
१२:०२ – १२:५१
राहुकाल ⚠
१०:५६ – १२:२७
यमगंड
१५:२८ – १६:५८
📋 साप्ताहिक सारांश
पक्षकृष्ण पक्ष
तिथिद्वादशी – चतुर्थी
महीनाभाद्रपद
सूर्योदय⬆ ०६:२३ → ०६:२४
सूर्यास्त⬇ १८:३४ → १८:२९
विक्रम संवत२०८५
🎊 इस सप्ताह के त्योहार
🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

मंगलवार, सितंबर १९ · प्रतिपदा

🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

बुधवार, सितंबर २० · द्वितीया

🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

गुरुवार, सितंबर २१ · तृतीया

🪷

शरद नवरात्रि प्रारंभ

शुक्रवार, सितंबर २२ · चतुर्थी

✨ शुभ मुहूर्त
💍

विवाह मुहूर्त

इस सप्ताह का अभिजित मुहूर्त और अमृत योग उत्तम है।

🏠

गृहप्रवेश व नवीन खरेदी

शुभ चौघड़िया और अमृत काल में उत्तम मुहूर्त निर्धारित किया जा सकता है।

🌍 ग्रह स्थिति
☀️if($langCode==='gu')સૂર્ય@elseसूर्यसिंह
🌙if($langCode==='gu')ચંદ્ર@elseचंद्रकर्क → तुला
🪐विक्रम संवतशक संवत १९५०
सरस्वती नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि।
विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा॥
— सरस्वती स्तोत्र
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ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः।

May all be happy. May all be free from illness.

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