Purva Ashadha नक्षत्र
देवता: — • स्वामी: —
भद्रा (विष्टि करण) सावधानी
आज भद्रा (विष्टि करण) काल शुरू है. इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य महत्वपूर्ण शुभ कार्य करना वर्जित है.
अभिजित मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है।
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