प्रदोष व्रत (४०५७)
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व्रताचे महत्त्व व माहिती
प्रदोष व्रत हे भगवान शिव आणि माता पार्वती यांना समर्पित असून त्रयोदशी तिथीला पाळले जाते. प्रदोष म्हणजे सूर्यास्तानंतरचा संध्याकाळचा वेळ. कथेनुसार, महादेवांनी सृष्टी वाचवण्यासाठी समुद्रमंथनातील विष याच दिवशी प्राशन केले होते. या दिवशी प्रदोष काळात महादेवाची पूजा केल्याने आरोग्य लाभते, सर्व पापे नष्ट होतात आणि कर्जमुक्ती मिळते.
प्रदोष व्रताची मुख्य पूजा 'प्रदोष काळात' म्हणजेच सूर्यास्तापूर्वी ४५ मिनिटे आणि सूर्यास्तानंतर ४५ मिनिटे या वेळेत केली पाहिजे. या काळातच उपवास सोडावा.
- शिवलिंग किंवा शिव परिवाराचे चित्र
- ताजी बेलपत्र (बेल पाने)
- धोत्रा फूल आणि फळ
- पांढरे चंदन आणि भस्म (विभूती)
- अभिषेकासाठी पंचामृत (दूध, दही, मध, तूप, साखर) आणि गंगाजळ
- पांढरी फुले आणि अक्षता (अखंड तांदूळ)
- धूप, अगरबत्ती आणि आरतीसाठी कापूर-दिवा
- ताजी फळे आणि पाणी
- सकाळी स्नान करून महादेवाच्या पूजेचा संकल्प करावा.
- सकाळी शिवाला जल आणि बेलपत्र अर्पण करावे.
- दिवसभर उपवास ठेवावा आणि शिव नामाचा जप करावा.
- प्रदोष काळात (सूर्यास्ताच्या वेळेस) पुन्हा स्नान करावे.
- शिवलिंगाला दूध, दही, मध आणि गंगाजलाने अभिषेक करावा.
- शिवलिंगावर चंदन-भस्म लावून बेलपत्र आणि धोत्रा अर्पण करावे.
- प्रदोष व्रत कथा वाचावी आणि महामृत्युंजय मंत्राचा जप करावा.
- कापूर लावून आरती करावी आणि नैवेद्य दाखवून उपवास सोडावा.
व्रत कॅलेंडर तारखा व वेळ
| # | तारीख | वार | महिना / तिथी | शुभ मुहूर्त |
|---|---|---|---|---|
| १ | ३० जानेवारी ४०५७ | मंगळवार | पौष शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:23 – 20:47 |
| २ | १४ फेब्रुवारी ४०५७ | बुधवार | माघ कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:30 – 20:54 |
| ३ | १ मार्च ४०५७ | गुरुवार | माघ शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:37 – 21:01 |
| ४ | १५ मार्च ४०५७ | गुरुवार | फाल्गुन कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:41 – 21:05 |
| ५ | ३१ मार्च ४०५७ | शनिवार | फाल्गुन शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:46 – 21:10 |
| ६ | १४ एप्रिल ४०५७ | शनिवार | चैत्र कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:51 – 21:15 |
| ७ | १३ मे ४०५७ | रविवार | वैशाख कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:02 – 21:26 |
| ८ | २९ मे ४०५७ | मंगळवार | वैशाख शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:09 – 21:33 |
| ९ | १२ जून ४०५७ | मंगळवार | ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:15 – 21:39 |
| १० | २७ जून ४०५७ | बुधवार | ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:18 – 21:42 |
| ११ | ११ जुलै ४०५७ | बुधवार | ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:19 – 21:43 |
| १२ | २७ जुलै ४०५७ | शुक्रवार | आषाढ शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:15 – 21:39 |
| १३ | १० ऑगस्ट ४०५७ | शुक्रवार | आषाढ कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:08 – 21:32 |
| १४ | २५ ऑगस्ट ४०५७ | शनिवार | श्रावण शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:57 – 21:21 |
| १५ | ९ सप्टेंबर ४०५७ | रविवार | श्रावण कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:44 – 21:08 |
| १६ | २३ सप्टेंबर ४०५७ | रविवार | भाद्रपद शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:32 – 20:56 |
| १७ | ८ ऑक्टोबर ४०५७ | सोमवार | भाद्रपद कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:18 – 20:42 |
| १८ | ७ नोव्हेंबर ४०५७ | बुधवार | आश्विन कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 17:59 – 20:23 |
| १९ | २१ नोव्हेंबर ४०५७ | बुधवार | कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 17:55 – 20:19 |
| २० | ७ डिसेंबर ४०५७ | शुक्रवार | कार्तिक कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 17:55 – 20:19 |
| २१ | २० डिसेंबर ४०५७ | गुरुवार | मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 17:59 – 20:23 |