प्रदोष व्रत (११०८)
Pune मधील अचूक पंचांग वेळेनुसार
व्रताचे महत्त्व व माहिती
प्रदोष व्रत हे भगवान शिव आणि माता पार्वती यांना समर्पित असून त्रयोदशी तिथीला पाळले जाते. प्रदोष म्हणजे सूर्यास्तानंतरचा संध्याकाळचा वेळ. कथेनुसार, महादेवांनी सृष्टी वाचवण्यासाठी समुद्रमंथनातील विष याच दिवशी प्राशन केले होते. या दिवशी प्रदोष काळात महादेवाची पूजा केल्याने आरोग्य लाभते, सर्व पापे नष्ट होतात आणि कर्जमुक्ती मिळते.
प्रदोष व्रताची मुख्य पूजा 'प्रदोष काळात' म्हणजेच सूर्यास्तापूर्वी ४५ मिनिटे आणि सूर्यास्तानंतर ४५ मिनिटे या वेळेत केली पाहिजे. या काळातच उपवास सोडावा.
- शिवलिंग किंवा शिव परिवाराचे चित्र
- ताजी बेलपत्र (बेल पाने)
- धोत्रा फूल आणि फळ
- पांढरे चंदन आणि भस्म (विभूती)
- अभिषेकासाठी पंचामृत (दूध, दही, मध, तूप, साखर) आणि गंगाजळ
- पांढरी फुले आणि अक्षता (अखंड तांदूळ)
- धूप, अगरबत्ती आणि आरतीसाठी कापूर-दिवा
- ताजी फळे आणि पाणी
- सकाळी स्नान करून महादेवाच्या पूजेचा संकल्प करावा.
- सकाळी शिवाला जल आणि बेलपत्र अर्पण करावे.
- दिवसभर उपवास ठेवावा आणि शिव नामाचा जप करावा.
- प्रदोष काळात (सूर्यास्ताच्या वेळेस) पुन्हा स्नान करावे.
- शिवलिंगाला दूध, दही, मध आणि गंगाजलाने अभिषेक करावा.
- शिवलिंगावर चंदन-भस्म लावून बेलपत्र आणि धोत्रा अर्पण करावे.
- प्रदोष व्रत कथा वाचावी आणि महामृत्युंजय मंत्राचा जप करावा.
- कापूर लावून आरती करावी आणि नैवेद्य दाखवून उपवास सोडावा.
व्रत कॅलेंडर तारखा व वेळ
| # | तारीख | वार | महिना / तिथी | शुभ मुहूर्त |
|---|---|---|---|---|
| १ | १८ जानेवारी ११०८ | शनिवार | माघ कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:44 – 21:08 |
| २ | ३ फेब्रुवारी ११०८ | सोमवार | फाल्गुन शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:54 – 21:18 |
| ३ | १७ फेब्रुवारी ११०८ | सोमवार | फाल्गुन कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:00 – 21:24 |
| ४ | ४ मार्च ११०८ | बुधवार | चैत्र शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:05 – 21:29 |
| ५ | १८ मार्च ११०८ | बुधवार | चैत्र कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:09 – 21:33 |
| ६ | २ एप्रिल ११०८ | गुरुवार | वैशाख शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:12 – 21:36 |
| ७ | १६ एप्रिल ११०८ | गुरुवार | वैशाख कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:14 – 21:38 |
| ८ | १ मे ११०८ | शुक्रवार | वैशाख शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:18 – 21:42 |
| ९ | १६ मे ११०८ | शनिवार | ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:23 – 21:47 |
| १० | ३० मे ११०८ | शनिवार | ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:28 – 21:52 |
| ११ | १५ जून ११०८ | सोमवार | आषाढ कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:33 – 21:57 |
| १२ | २९ जून ११०८ | सोमवार | आषाढ शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:36 – 22:00 |
| १३ | १४ जुलै ११०८ | मंगळवार | श्रावण कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:37 – 22:01 |
| १४ | २८ जुलै ११०८ | मंगळवार | श्रावण शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:34 – 21:58 |
| १५ | १३ ऑगस्ट ११०८ | गुरुवार | भाद्रपद कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:26 – 21:50 |
| १६ | २७ ऑगस्ट ११०८ | गुरुवार | भाद्रपद शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:17 – 21:41 |
| १७ | ११ सप्टेंबर ११०८ | शुक्रवार | आश्विन कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:05 – 21:29 |
| १८ | २५ सप्टेंबर ११०८ | शुक्रवार | आश्विन शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:53 – 21:17 |
| १९ | ११ ऑक्टोबर ११०८ | रविवार | कार्तिक कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:40 – 21:04 |
| २० | २५ ऑक्टोबर ११०८ | रविवार | कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:30 – 20:54 |
| २१ | ९ नोव्हेंबर ११०८ | सोमवार | मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:23 – 20:47 |
| २२ | २४ नोव्हेंबर ११०८ | मंगळवार | मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:21 – 20:45 |
| २३ | ८ डिसेंबर ११०८ | मंगळवार | पौष कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:23 – 20:47 |
| २४ | २४ डिसेंबर ११०८ | गुरुवार | पौष शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:30 – 20:54 |