ॐ

Todaycalendar

हिंदी पंचांग 1397

Advertisement
🕉
📿 व्रत और उपवास कैलेंडर ✦ 📍 PUNE

प्रदोष व्रत (१३९७)

Pune में सटीक पंचांग समय के अनुसार

📍 Pune
१८.५२०४° N  ·  ७३.८५६७° E
📖

व्रत का महत्व और जानकारी

प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित एक अत्यंत मंगलकारी व्रत है, जो त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। प्रदोष काल सूर्यास्त के समय को कहा जाता है। पौराणिक मान्यता है कि इसी दिन महादेव ने समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष का पान कर सृष्टि की रक्षा की थी। इस दिन संध्याकाल में शिव पूजा करने से सभी पाप मिटते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

✨ व्रत और पूजा का समय

प्रदोष व्रत की मुख्य पूजा 'प्रदोष काल' (सूर्यास्त से 45 मिनट पहले और 45 मिनट बाद) में की जानी चाहिए। इसी समय शिव जी प्रसन्न होते हैं। पूजा के बाद व्रत का पारण करें।

📋 पूजा सामग्री
  • शिवलिंग या शिव परिवार का चित्र
  • ताजे बेलपत्र (बिल्व पत्र)
  • धतूरे का फूल और फल
  • सफेद चंदन और भस्म (विभूति)
  • अभिषेक के लिए पंचामृत (दूध, दही, शहद, घी, चीनी) और गंगाजल
  • सफेद फूल और अक्षत (बिना टूटे चावल)
  • धूप, अगरबत्ती और आरती के लिए कपूर-दीपक
  • ताजे फल और शुद्ध जल
🪷 पूजा विधि
  1. सुबह उठकर स्नान करें और शिव पूजा का संकल्प लें।
  2. सुबह शिवजी को जल और बेलपत्र चढ़ाएं।
  3. दिनभर उपवास रखें और मन में शिव नाम का जप करें।
  4. संध्या समय (प्रदोष काल) में पुनः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
  5. शिवलिंग पर दूध, दही, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें।
  6. शिवलिंग पर चंदन-भस्म लगाएं और बेलपत्र व धतूरा चढ़ाएं।
  7. प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें और महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।
  8. कपूर से आरती करें और भगवान को भोग लगाकर व्रत खोलें।
📅

वार्षिक व्रत कैलेंडर तिथियां और समय

# तारीख / दिनांक वार महीना / तिथि शुभ मुहूर्त
१ ४ जनवरी १३९७ बुधवार पौष कृष्ण पक्ष द्वादशी प्रदोष काळ: 18:36 – 21:00
२ १९ जनवरी १३९७ गुरुवार माघ शुक्ल पक्ष द्वादशी प्रदोष काळ: 18:46 – 21:10
३ ३ फरवरी १३९७ शुक्रवार माघ कृष्ण पक्ष द्वादशी प्रदोष काळ: 18:54 – 21:18
४ १७ फरवरी १३९७ शुक्रवार फाल्गुन शुक्ल पक्ष द्वादशी प्रदोष काळ: 19:01 – 21:25
५ ५ मार्च १३९७ रविवार फाल्गुन कृष्ण पक्ष द्वादशी प्रदोष काळ: 19:06 – 21:30
६ १९ मार्च १३९७ रविवार चैत्र शुक्ल पक्ष द्वादशी प्रदोष काळ: 19:09 – 21:33
७ ३ अप्रैल १३९७ सोमवार चैत्र कृष्ण पक्ष द्वादशी प्रदोष काळ: 19:12 – 21:36
८ १७ अप्रैल १३९७ सोमवार वैशाख शुक्ल पक्ष द्वादशी प्रदोष काळ: 19:15 – 21:39
९ ३ मई १३९७ बुधवार वैशाख कृष्ण पक्ष द्वादशी प्रदोष काळ: 19:19 – 21:43
१० १७ मई १३९७ बुधवार ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष द्वादशी प्रदोष काळ: 19:24 – 21:48
११ १ जून १३९७ गुरुवार ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष द्वादशी प्रदोष काळ: 19:30 – 21:54
१२ १५ जून १३९७ गुरुवार आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वादशी प्रदोष काळ: 19:34 – 21:58
१३ ३० जून १३९७ शुक्रवार आषाढ़ कृष्ण पक्ष द्वादशी प्रदोष काळ: 19:37 – 22:01
१४ १५ जुलाई १३९७ शनिवार श्रावण शुक्ल पक्ष द्वादशी प्रदोष काळ: 19:37 – 22:01
१५ १४ अगस्त १३९७ सोमवार भाद्रपद शुक्ल पक्ष द्वादशी प्रदोष काळ: 19:25 – 21:49
१६ २८ अगस्त १३९७ सोमवार भाद्रपद कृष्ण पक्ष द्वादशी प्रदोष काळ: 19:15 – 21:39
१७ १२ सितंबर १३९७ मंगलवार आश्विन शुक्ल पक्ष द्वादशी प्रदोष काळ: 19:03 – 21:27
१८ २६ सितंबर १३९७ मंगलवार आश्विन कृष्ण पक्ष द्वादशी प्रदोष काळ: 18:51 – 21:15
१९ १२ अक्टूबर १३९७ गुरुवार कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वादशी प्रदोष काळ: 18:38 – 21:02
२० २६ अक्टूबर १३९७ गुरुवार कार्तिक कृष्ण पक्ष द्वादशी प्रदोष काळ: 18:29 – 20:53
२१ २४ नवंबर १३९७ शुक्रवार मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष द्वादशी प्रदोष काळ: 18:20 – 20:44
२२ १० दिसंबर १३९७ रविवार पौष शुक्ल पक्ष द्वादशी प्रदोष काळ: 18:23 – 20:47
२३ २४ दिसंबर १३९७ रविवार पौष कृष्ण पक्ष द्वादशी प्रदोष काळ: 18:30 – 20:54
🪷

भक्ति साहित्य (आरती, चालीसा, स्तोत्र व व्रत कथा)

🪔

शिव आरती (जय शिव ओंकारा)

aarti
जय शिव ओंकारा, हर शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥...
संपूर्ण आरती पढ़ें →
📿

श्री शिव चालीसा (सम्पूर्ण ४० चौपाई)

chalisa
दोहा: जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥...
संपूर्ण चालीसा पढ़ें →
🌸

शिव ताण्डव स्तोत्रम् (सम्पूर्ण १५ श्लोक - रावण कृत)

stotram
जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवडड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥१॥ ...
संपूर्ण स्तोत्र पढ़ें →
🕉️

व्रत प्रकार चुनें

अन्य व्रतों की तिथियां देखने के लिए चुनें:

📍

स्थान बदलें

पंचांग समय आपके स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त के अनुसार बदलता है।

📅

वर्ष बदलें

✨

पूजा विधि एवं नियम

१
सूर्योदय से लेकर शाम की पूजा होने तक व्रत रखें।
२
अनाज, चावल और सादे नमक का सेवन वर्जित है।
३
फलाहार में दूध, फल या साबूदाना खिचड़ी (सेंधा नमक के साथ) लें।
४
ब्रह्मचर्य का पालन करें और शांत मन से शिव आराधना करें।
ॐ नमः शिवाय॥
— पवित्र मंत्र
Advertisement
🪔
🪔

ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः।

May all be happy. May all be free from illness.

🪔
✨
🪔
🌸
✨
🌺
✕
📢

प्रायोजित विज्ञापन

हमारा समर्थन करें
विज्ञापन
📅 कैलेंडर 🪷 त्योहार 🔮 राशिफल