प्रदोष व्रत (१२३०)
Pune में सटीक पंचांग समय के अनुसार
व्रत का महत्व और जानकारी
प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित एक अत्यंत मंगलकारी व्रत है, जो त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। प्रदोष काल सूर्यास्त के समय को कहा जाता है। पौराणिक मान्यता है कि इसी दिन महादेव ने समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष का पान कर सृष्टि की रक्षा की थी। इस दिन संध्याकाल में शिव पूजा करने से सभी पाप मिटते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
प्रदोष व्रत की मुख्य पूजा 'प्रदोष काल' (सूर्यास्त से 45 मिनट पहले और 45 मिनट बाद) में की जानी चाहिए। इसी समय शिव जी प्रसन्न होते हैं। पूजा के बाद व्रत का पारण करें।
- शिवलिंग या शिव परिवार का चित्र
- ताजे बेलपत्र (बिल्व पत्र)
- धतूरे का फूल और फल
- सफेद चंदन और भस्म (विभूति)
- अभिषेक के लिए पंचामृत (दूध, दही, शहद, घी, चीनी) और गंगाजल
- सफेद फूल और अक्षत (बिना टूटे चावल)
- धूप, अगरबत्ती और आरती के लिए कपूर-दीपक
- ताजे फल और शुद्ध जल
- सुबह उठकर स्नान करें और शिव पूजा का संकल्प लें।
- सुबह शिवजी को जल और बेलपत्र चढ़ाएं।
- दिनभर उपवास रखें और मन में शिव नाम का जप करें।
- संध्या समय (प्रदोष काल) में पुनः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- शिवलिंग पर दूध, दही, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें।
- शिवलिंग पर चंदन-भस्म लगाएं और बेलपत्र व धतूरा चढ़ाएं।
- प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें और महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।
- कपूर से आरती करें और भगवान को भोग लगाकर व्रत खोलें।
वार्षिक व्रत कैलेंडर तिथियां और समय
| # | तारीख / दिनांक | वार | महीना / तिथि | शुभ मुहूर्त |
|---|---|---|---|---|
| १ | ५ जनवरी १२३० | शनिवार | माघ शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:37 – 21:01 |
| २ | १९ जनवरी १२३० | शनिवार | माघ कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:46 – 21:10 |
| ३ | ३ मार्च १२३० | रविवार | फाल्गुन शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:54 – 21:18 |
| ४ | १८ मार्च १२३० | सोमवार | फाल्गुन कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:01 – 21:25 |
| ५ | ५ मार्च १२३० | मंगलवार | चैत्र शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:06 – 21:30 |
| ६ | २० मार्च १२३० | बुधवार | चैत्र कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:09 – 21:33 |
| ७ | ३ अप्रैल १२३० | बुधवार | चैत्र शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:12 – 21:36 |
| ८ | १९ अप्रैल १२३० | शुक्रवार | वैशाख कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:15 – 21:39 |
| ९ | २ मई १२३० | गुरुवार | वैशाख शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:19 – 21:43 |
| १० | १८ मई १२३० | शनिवार | ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:24 – 21:48 |
| ११ | १ जून १२३० | शनिवार | ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:29 – 21:53 |
| १२ | ३० जून १२३० | रविवार | आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:37 – 22:01 |
| १३ | १६ जुलाई १२३० | मंगलवार | श्रावण कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:37 – 22:01 |
| १४ | ३० जुलाई १२३० | मंगलवार | श्रावण शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:33 – 21:57 |
| १५ | १४ अगस्त १२३० | बुधवार | भाद्रपद कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:25 – 21:49 |
| १६ | २९ अगस्त १२३० | गुरुवार | भाद्रपद शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:15 – 21:39 |
| १७ | १२ सितंबर १२३० | गुरुवार | आश्विन कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:03 – 21:27 |
| १८ | २८ सितंबर १२३० | शनिवार | आश्विन शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:50 – 21:14 |
| १९ | १२ अक्टूबर १२३० | शनिवार | कार्तिक कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:39 – 21:03 |
| २० | २७ अक्टूबर १२३० | रविवार | कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:29 – 20:53 |
| २१ | १० नवंबर १२३० | रविवार | मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:23 – 20:47 |
| २२ | २६ नवंबर १२३० | मंगलवार | मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:21 – 20:45 |
| २३ | १० दिसंबर १२३० | मंगलवार | पौष कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:23 – 20:47 |