प्रदोष व्रत (११८८)
Pune में सटीक पंचांग समय के अनुसार
व्रत का महत्व और जानकारी
प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित एक अत्यंत मंगलकारी व्रत है, जो त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। प्रदोष काल सूर्यास्त के समय को कहा जाता है। पौराणिक मान्यता है कि इसी दिन महादेव ने समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष का पान कर सृष्टि की रक्षा की थी। इस दिन संध्याकाल में शिव पूजा करने से सभी पाप मिटते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
प्रदोष व्रत की मुख्य पूजा 'प्रदोष काल' (सूर्यास्त से 45 मिनट पहले और 45 मिनट बाद) में की जानी चाहिए। इसी समय शिव जी प्रसन्न होते हैं। पूजा के बाद व्रत का पारण करें।
- शिवलिंग या शिव परिवार का चित्र
- ताजे बेलपत्र (बिल्व पत्र)
- धतूरे का फूल और फल
- सफेद चंदन और भस्म (विभूति)
- अभिषेक के लिए पंचामृत (दूध, दही, शहद, घी, चीनी) और गंगाजल
- सफेद फूल और अक्षत (बिना टूटे चावल)
- धूप, अगरबत्ती और आरती के लिए कपूर-दीपक
- ताजे फल और शुद्ध जल
- सुबह उठकर स्नान करें और शिव पूजा का संकल्प लें।
- सुबह शिवजी को जल और बेलपत्र चढ़ाएं।
- दिनभर उपवास रखें और मन में शिव नाम का जप करें।
- संध्या समय (प्रदोष काल) में पुनः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- शिवलिंग पर दूध, दही, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें।
- शिवलिंग पर चंदन-भस्म लगाएं और बेलपत्र व धतूरा चढ़ाएं।
- प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें और महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।
- कपूर से आरती करें और भगवान को भोग लगाकर व्रत खोलें।
वार्षिक व्रत कैलेंडर तिथियां और समय
| # | तारीख / दिनांक | वार | महीना / तिथि | शुभ मुहूर्त |
|---|---|---|---|---|
| १ | ४ जनवरी ११८८ | सोमवार | माघ कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:36 – 21:00 |
| २ | २० जनवरी ११८८ | बुधवार | माघ शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:46 – 21:10 |
| ३ | ३ फरवरी ११८८ | बुधवार | फाल्गुन कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:54 – 21:18 |
| ४ | १८ फरवरी ११८८ | गुरुवार | फाल्गुन शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:01 – 21:25 |
| ५ | ३ मार्च ११८८ | गुरुवार | चैत्र कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:05 – 21:29 |
| ६ | १९ मार्च ११८८ | शनिवार | चैत्र शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:09 – 21:33 |
| ७ | २ अप्रैल ११८८ | शनिवार | चैत्र कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:12 – 21:36 |
| ८ | १७ अप्रैल ११८८ | रविवार | वैशाख शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:15 – 21:39 |
| ९ | २ मई ११८८ | सोमवार | वैशाख कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:19 – 21:43 |
| १० | ३१ मई ११८८ | मंगलवार | ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:29 – 21:53 |
| ११ | १५ जून ११८८ | बुधवार | आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:34 – 21:58 |
| १२ | ३० जून ११८८ | गुरुवार | आषाढ़ कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:37 – 22:01 |
| १३ | १४ जुलाई ११८८ | गुरुवार | श्रावण शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:37 – 22:01 |
| १४ | ३० जुलाई ११८८ | शनिवार | श्रावण कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:33 – 21:57 |
| १५ | १२ अगस्त ११८८ | शुक्रवार | भाद्रपद शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:26 – 21:50 |
| १६ | २८ अगस्त ११८८ | रविवार | भाद्रपद कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:15 – 21:39 |
| १७ | ११ सितंबर ११८८ | रविवार | आश्विन शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 19:04 – 21:28 |
| १८ | ११ अक्टूबर ११८८ | मंगलवार | कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:39 – 21:03 |
| १९ | २६ अक्टूबर ११८८ | बुधवार | कार्तिक कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:29 – 20:53 |
| २० | ९ नवंबर ११८८ | बुधवार | मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:23 – 20:47 |
| २१ | २४ नवंबर ११८८ | गुरुवार | मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:21 – 20:45 |
| २२ | ९ दिसंबर ११८८ | शुक्रवार | पौष शुक्ल पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:23 – 20:47 |
| २३ | २४ दिसंबर ११८८ | शनिवार | पौष कृष्ण पक्ष द्वादशी | प्रदोष काळ: 18:30 – 20:54 |