Advertisement
🕉
📿 व्रत और उपवास कैलेंडर ✦ 📍 PUNE

मासिक शिवरात्रि (३२५४)

Pune में सटीक पंचांग समय के अनुसार

📍 Pune
१८.५२०४° N  ·  ७३.८५६७° E
📖

व्रत का महत्व और जानकारी

मासिक शिवरात्रि प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित है। मान्यता है कि इसी पावन रात्रि को महादेव ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे और उन्होंने तांडव नृत्य किया था। इस व्रत को करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और मानसिक शांति मिलती है।

✨ व्रत और पूजा का समय

मासिक शिवरात्रि का व्रत सूर्योदय से शुरू होता है। सबसे महत्वपूर्ण पूजा मध्यरात्रि 'निशीथ काल' में की जाती है। व्रत का पारण अगले दिन सुबह करना चाहिए।

📋 पूजा सामग्री
  • शिवलिंग और पूजा के लिए तांबे का लोटा
  • बेलपत्र (संभव हो तो 108), धतूरा और शमी पत्र
  • अभिषेक के लिए पंचामृत (दूध, दही, शहद, घी, चीनी) और गंगाजल
  • चंदन, विभूति और अष्टगंध
  • सफेद सूती जनेऊ (यज्ञोपवीत)
  • धूप, अगरबत्ती और आरती के लिए कपूर-दीपक
  • नारियल, ताजे फल और भोग के लिए खीर
🪷 पूजा विधि
  1. सुबह स्नान कर शिवलिंग पर जलाभिषेक करें और व्रत का संकल्प लें।
  2. दिनभर निराहार या फलाहार रहकर भगवान शिव का ध्यान करें।
  3. मासिक शिवरात्रि की मुख्य पूजा मध्य रात्रि (निशीथ काल) में की जाती है।
  4. रात को शिवलिंग पर पंचामृत और गंगाजल से रुद्राभिषेक करें।
  5. चंदन और विभूति लगाएं, फिर जनेऊ, बेलपत्र और धतूरा चढ़ाएं।
  6. शिव चालीसा का पाठ करें या 'ॐ नमः शिवाय' का 108 बार जाप करें।
  7. कपूर से आरती करें और भोग लगाएं।
  8. रात्रि में जागरण करें और अगले दिन सुबह स्नान-पूजा के बाद व्रत खोलें।
📅

वार्षिक व्रत कैलेंडर तिथियां और समय

# तारीख / दिनांक वार महीना / तिथि शुभ मुहूर्त
१ ९ जनवरी ३२५४ शुक्रवार पौष कृष्ण पक्ष त्रयोदशी निशीथ काळ पूजा वेळ
२ ८ फरवरी ३२५४ रविवार माघ कृष्ण पक्ष त्रयोदशी निशीथ काळ पूजा वेळ
३ ९ मार्च ३२५४ सोमवार फाल्गुन कृष्ण पक्ष त्रयोदशी निशीथ काळ पूजा वेळ
४ ७ मई ३२५४ गुरुवार वैशाख कृष्ण पक्ष त्रयोदशी निशीथ काळ पूजा वेळ
५ ५ जून ३२५४ शुक्रवार ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष त्रयोदशी निशीथ काळ पूजा वेळ
६ ३ अगस्त ३२५४ सोमवार श्रावण कृष्ण पक्ष त्रयोदशी निशीथ काळ पूजा वेळ
७ १ सितंबर ३२५४ मंगलवार श्रावण कृष्ण पक्ष त्रयोदशी निशीथ काळ पूजा वेळ
८ १ अक्टूबर ३२५४ गुरुवार भाद्रपद कृष्ण पक्ष त्रयोदशी निशीथ काळ पूजा वेळ
९ ३१ अक्टूबर ३२५४ शनिवार आश्विन कृष्ण पक्ष त्रयोदशी निशीथ काळ पूजा वेळ
१० २९ नवंबर ३२५४ रविवार कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी निशीथ काळ पूजा वेळ
११ २९ दिसंबर ३२५४ मंगलवार मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष त्रयोदशी निशीथ काळ पूजा वेळ
🪷

भक्ति साहित्य (आरती, चालीसा, स्तोत्र व व्रत कथा)

🪔

शिव आरती (जय शिव ओंकारा)

aarti
जय शिव ओंकारा, हर शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥...
संपूर्ण आरती पढ़ें →
📿

श्री शिव चालीसा (सम्पूर्ण ४० चौपाई)

chalisa
दोहा: जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥...
संपूर्ण चालीसा पढ़ें →
🌸

शिव ताण्डव स्तोत्रम् (सम्पूर्ण १५ श्लोक - रावण कृत)

stotram
जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवडड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥१॥ ...
संपूर्ण स्तोत्र पढ़ें →
🕉️

व्रत प्रकार चुनें

अन्य व्रतों की तिथियां देखने के लिए चुनें:

📍

स्थान बदलें

पंचांग समय आपके स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त के अनुसार बदलता है।

📅

वर्ष बदलें

✨

पूजा विधि एवं नियम

१
दिन और रातभर निराहार या फलाहार रहकर उपवास करें।
२
अनाज, चावल, प्याज और लहसुन का सेवन वर्जित है।
३
फलाहार में केवल दूध, फल या जल ग्रहण करें।
४
रात्रि में जागरण कर भगवान शिव की आराधना करना कल्याणकारी माना जाता है।
ॐ नमः शिवाय॥
— पवित्र मंत्र
Advertisement
🪔
🪔

ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः।

May all be happy. May all be free from illness.

🪔
✨
🪔
🌸
✨
🌺
✕
📢

प्रायोजित विज्ञापन

हमारा समर्थन करें
विज्ञापन
📅 कैलेंडर 🪷 त्योहार 🔮 राशिफल 📰 ब्लॉग