अमावस्या व्रत (१३००)
Pune में सटीक पंचांग समय के अनुसार
व्रत का महत्व और जानकारी
अमावस्या व्रत पितरों की आत्मतृप्ति और पितृ दोष निवारण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। अमावस्या को चंद्रमा दिखाई नहीं देता। इस दिन पूर्वजों का ध्यान कर तर्पण, श्राद्ध कर्म और दान-पुण्य करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और वंश की उन्नति होती है।
पितृ तर्पण और श्राद्ध कर्म दोपहर से पहले (कुतुप काल: सुबह 11:30 से दोपहर 1:30 बजे के बीच) करना सबसे शुभ होता है। कौए और पशुओं को भोजन दोपहर से पहले कराएं।
- काले तिल और कुशा घास
- जौ और अक्षत (चावल)
- तांबे का लोटा और गंगाजल
- सफेद फूल (पितरों को प्रिय)
- दीपक और अगरबत्ती
- पितरों के भोग के लिए सात्विक भोजन (खीर-पूरी आदि)
- गाय, कुत्ते और कौए के लिए भोजन का अंश
- दान के लिए अनाज, वस्त्र या धन
- सुबह सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान आदि से निवृत्त हों।
- सूर्य देव को जल अर्पित कर प्रार्थना करें।
- दक्षिण दिशा की ओर मुख करके काले तिल, कुशा और जल से पितरों का तर्पण करें।
- पितरों के निमित्त सात्विक भोजन बनाएं और उसका एक भाग कौए के लिए छत पर रखें।
- गाय और कुत्ते को भी भोजन कराएं।
- घर के मंदिर में दीपक जलाकर भगवान शिव या विष्णु जी की पूजा करें।
- दिनभर सात्विक आचरण रखें और गरीबों को अन्न-वस्त्र दान करें।
वार्षिक व्रत कैलेंडर तिथियां और समय
| # | तारीख / दिनांक | वार | महीना / तिथि | शुभ मुहूर्त |
|---|---|---|---|---|
| १ | २९ जनवरी १३०० | शुक्रवार | माघ कृष्ण पक्ष अमावस्या | प्रदोष काळ: 18:51 – 21:15 |
| २ | २८ फरवरी १३०० | रविवार | फाल्गुन कृष्ण पक्ष अमावस्या | प्रदोष काळ: 19:04 – 21:28 |
| ३ | २९ मार्च १३०० | सोमवार | चैत्र कृष्ण पक्ष अमावस्या | प्रदोष काळ: 19:11 – 21:35 |
| ४ | २८ अप्रैल १३०० | बुधवार | वैशाख कृष्ण पक्ष अमावस्या | प्रदोष काळ: 19:18 – 21:42 |
| ५ | २७ मई १३०० | गुरुवार | ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष अमावस्या | प्रदोष काळ: 19:27 – 21:51 |
| ६ | २५ जून १३०० | शुक्रवार | आषाढ़ कृष्ण पक्ष अमावस्या | प्रदोष काळ: 19:36 – 22:00 |
| ७ | २५ जुलाई १३०० | रविवार | श्रावण कृष्ण पक्ष अमावस्या | प्रदोष काळ: 19:35 – 21:59 |
| ८ | २३ अगस्त १३०० | सोमवार | भाद्रपद कृष्ण पक्ष अमावस्या | प्रदोष काळ: 19:19 – 21:43 |
| ९ | २१ सितंबर १३०० | मंगलवार | आश्विन कृष्ण पक्ष अमावस्या | प्रदोष काळ: 18:56 – 21:20 |
| १० | २१ अक्टूबर १३०० | गुरुवार | कार्तिक कृष्ण पक्ष अमावस्या | प्रदोष काळ: 18:32 – 20:56 |
| ११ | २० नवंबर १३०० | शनिवार | मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष अमावस्या | प्रदोष काळ: 18:21 – 20:45 |
| १२ | २० दिसंबर १३०० | सोमवार | पौष कृष्ण पक्ष अमावस्या | प्रदोष काळ: 18:27 – 20:51 |