त्योहार, उत्सव और छुट्टियों की सूची १९५४
दिन ४/१०
शुक्रवार, १ अक्टूबर १९५४
शरद नवरात्रि — चतुर्थ दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ५/१०
शनिवार, २ अक्टूबर १९५४
शरद नवरात्रि — पंचम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ६/१०
रविवार, ३ अक्टूबर १९५४
शरद नवरात्रि — षष्ठ दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ७/१०
सोमवार, ४ अक्टूबर १९५४
शरद नवरात्रि — सप्तम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ८/१०
मंगलवार, ५ अक्टूबर १९५४
शरद नवरात्रि — अष्टम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ९/१०
बुधवार, ६ अक्टूबर १९५४
शरद नवरात्रि — नवम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
गुरुवार, ७ अक्टूबर १९५४
दशहरा / विजयादशमी
आश्विन शुक्ल दशमी को अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक दशहरा मनाया जाता है।
गुरुवार, १४ अक्टूबर १९५४
करवा चौथ
पति की दीर्घायु के लिए सुहागिन महिलाओं द्वारा रखा जाने वाला निर्जला व्रत।
रविवार, २४ अक्टूबर १९५४
संत ज्ञानेश्वर महाराज संजीवन समाधि
आळंदी में संत ज्ञानेश्वर महाराज का संजीवन समाधि दिवस।
बुधवार, २७ अक्टूबर १९५४
गोवर्धन पूजा / बलि प्रतिपदा
कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा और बलि प्रतिपदा।
गुरुवार, २८ अक्टूबर १९५४
भाई दूज
कार्तिक शुक्ल द्वितीया को भाई-बहन के प्रेम का पर्व भाई दूज।