त्योहार, उत्सव और छुट्टियों की सूची १९५२
दिन ५/१०
बुधवार, २४ सितंबर १९५२
शरद नवरात्रि — पंचम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ६/१०
गुरुवार, २५ सितंबर १९५२
शरद नवरात्रि — षष्ठ दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ७/१०
शुक्रवार, २६ सितंबर १९५२
शरद नवरात्रि — सप्तम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ८/१०
शनिवार, २७ सितंबर १९५२
शरद नवरात्रि — अष्टम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ९/१०
रविवार, २८ सितंबर १९५२
शरद नवरात्रि — नवम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
सोमवार, २९ सितंबर १९५२
दशहरा / विजयादशमी
आश्विन शुक्ल दशमी को अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक दशहरा मनाया जाता है।
सोमवार, ६ अक्टूबर १९५२
करवा चौथ
पति की दीर्घायु के लिए सुहागिन महिलाओं द्वारा रखा जाने वाला निर्जला व्रत।
गुरुवार, १६ अक्टूबर १९५२
धनतेरस (धनत्रयोदशी)
भगवान धन्वंतरि की पूजा और दिवाली का पहला दिन।
रविवार, १९ अक्टूबर १९५२
गोवर्धन पूजा / बलि प्रतिपदा
कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा और बलि प्रतिपदा।
सोमवार, २० अक्टूबर १९५२
भाई दूज
कार्तिक शुक्ल द्वितीया को भाई-बहन के प्रेम का पर्व भाई दूज।
शनिवार, १५ नवंबर १९५२
संत ज्ञानेश्वर महाराज संजीवन समाधि
आळंदी में संत ज्ञानेश्वर महाराज का संजीवन समाधि दिवस।