त्योहार, उत्सव और छुट्टियों की सूची १९४७
गुरुवार, ३ जुलाई १९४७
गुरु पूर्णिमा
आषाढ़ पूर्णिमा को महर्षि वेद व्यास और गुरुओं के सम्मान में गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है।
गुरुवार, ३१ जुलाई १९४७
रक्षाबंधन
श्रावण पूर्णिमा को भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन मनाया जाता है।
शनिवार, ९ अगस्त १९४७
कृष्ण जन्माष्टमी
भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव जन्माष्टमी।
दिन १/१०
बुधवार, १७ सितंबर १९४७
शरद नवरात्रि — प्रथम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन २/१०
गुरुवार, १८ सितंबर १९४७
शरद नवरात्रि — द्वितीय दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ३/१०
शुक्रवार, १९ सितंबर १९४७
शरद नवरात्रि — तृतीय दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ४/१०
शनिवार, २० सितंबर १९४७
शरद नवरात्रि — चतुर्थ दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ५/१०
रविवार, २१ सितंबर १९४७
शरद नवरात्रि — पंचम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ६/१०
सोमवार, २२ सितंबर १९४७
शरद नवरात्रि — षष्ठ दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ७/१०
मंगलवार, २३ सितंबर १९४७
शरद नवरात्रि — सप्तम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
बुधवार, २४ सितंबर १९४७
दशहरा / विजयादशमी
आश्विन शुक्ल दशमी को अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक दशहरा मनाया जाता है।
शुक्रवार, ३ अक्टूबर १९४७
करवा चौथ
पति की दीर्घायु के लिए सुहागिन महिलाओं द्वारा रखा जाने वाला निर्जला व्रत।