त्योहार, उत्सव और छुट्टियों की सूची १९३७
दिन ४/१०
शुक्रवार, ८ अक्टूबर १९३७
शरद नवरात्रि — चतुर्थ दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ५/१०
शनिवार, ९ अक्टूबर १९३७
शरद नवरात्रि — पंचम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ६/१०
रविवार, १० अक्टूबर १९३७
शरद नवरात्रि — षष्ठ दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ७/१०
सोमवार, ११ अक्टूबर १९३७
शरद नवरात्रि — सप्तम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ८/१०
मंगलवार, १२ अक्टूबर १९३७
शरद नवरात्रि — अष्टम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ९/१०
बुधवार, १३ अक्टूबर १९३७
शरद नवरात्रि — नवम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन १०/१०
गुरुवार, १४ अक्टूबर १९३७
शरद नवरात्रि — दशम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
शुक्रवार, १५ अक्टूबर १९३७
दशहरा / विजयादशमी
आश्विन शुक्ल दशमी को अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक दशहरा मनाया जाता है।
दिन १/९
रविवार, ३१ अक्टूबर १९३७
संत ज्ञानेश्वर महाराज संजीवन समाधि — प्रथम दिन
आळंदी में संत ज्ञानेश्वर महाराज का संजीवन समाधि दिवस।
दिन २/९
सोमवार, १ नवंबर १९३७
संत ज्ञानेश्वर महाराज संजीवन समाधि — द्वितीय दिन
आळंदी में संत ज्ञानेश्वर महाराज का संजीवन समाधि दिवस।
गुरुवार, ४ नवंबर १९३७
गोवर्धन पूजा / बलि प्रतिपदा
कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा और बलि प्रतिपदा।
शुक्रवार, ५ नवंबर १९३७
भाई दूज
कार्तिक शुक्ल द्वितीया को भाई-बहन के प्रेम का पर्व भाई दूज।