त्योहार, उत्सव और छुट्टियों की सूची १९३५
मंगलवार, १६ जुलाई १९३५
गुरु पूर्णिमा
आषाढ़ पूर्णिमा को महर्षि वेद व्यास और गुरुओं के सम्मान में गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है।
सोमवार, २२ जुलाई १९३५
कृष्ण जन्माष्टमी
भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव जन्माष्टमी।
मंगलवार, १३ अगस्त १९३५
रक्षाबंधन
श्रावण पूर्णिमा को भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन मनाया जाता है।
सोमवार, २ सितंबर १९३५
गणेश चतुर्थी
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को गणपति बप्पा का आगमन होता है।
बुधवार, २५ सितंबर १९३५
धनतेरस (धनत्रयोदशी)
भगवान धन्वंतरि की पूजा और दिवाली का पहला दिन।
गुरुवार, २६ सितंबर १९३५
नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली)
नरक चतुर्दशी और रूप चौदस।
गुरुवार, २६ सितंबर १९३५
लक्ष्मी पूजन (दीपावली)
आश्विन अमावस्या को माता लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है।
दिन १/१०
शनिवार, २८ सितंबर १९३५
शरद नवरात्रि — प्रथम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन २/१०
रविवार, २९ सितंबर १९३५
शरद नवरात्रि — द्वितीय दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ३/१०
सोमवार, ३० सितंबर १९३५
शरद नवरात्रि — तृतीय दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ४/१०
मंगलवार, १ अक्टूबर १९३५
शरद नवरात्रि — चतुर्थ दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ५/१०
बुधवार, २ अक्टूबर १९३५
शरद नवरात्रि — पंचम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।