त्योहार, उत्सव और छुट्टियों की सूची १९३४
बुधवार, २७ जून १९३४
गुरु पूर्णिमा
आषाढ़ पूर्णिमा को महर्षि वेद व्यास और गुरुओं के सम्मान में गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है।
बुधवार, २५ जुलाई १९३४
रक्षाबंधन
श्रावण पूर्णिमा को भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन मनाया जाता है।
बुधवार, १ अगस्त १९३४
कृष्ण जन्माष्टमी
भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव जन्माष्टमी।
गुरुवार, १३ सितंबर १९३४
गणेश चतुर्थी
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को गणपति बप्पा का आगमन होता है।
सोमवार, १७ सितंबर १९३४
शरद नवरात्रि प्रारंभ
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
मंगलवार, १८ सितंबर १९३४
दशहरा / विजयादशमी
आश्विन शुक्ल दशमी को अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक दशहरा मनाया जाता है।
मंगलवार, २५ सितंबर १९३४
करवा चौथ
पति की दीर्घायु के लिए सुहागिन महिलाओं द्वारा रखा जाने वाला निर्जला व्रत।
शनिवार, ६ अक्टूबर १९३४
धनतेरस (धनत्रयोदशी)
भगवान धन्वंतरि की पूजा और दिवाली का पहला दिन।
रविवार, ७ अक्टूबर १९३४
नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली)
नरक चतुर्दशी और रूप चौदस।
रविवार, ७ अक्टूबर १९३४
लक्ष्मी पूजन (दीपावली)
आश्विन अमावस्या को माता लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है।
दिन १/१०
मंगलवार, ९ अक्टूबर १९३४
शरद नवरात्रि — प्रथम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन २/१०
बुधवार, १० अक्टूबर १९३४
शरद नवरात्रि — द्वितीय दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।