त्योहार, उत्सव और छुट्टियों की सूची १९०४
शनिवार, ८ अक्टूबर १९०४
लक्ष्मी पूजन (दीपावली)
आश्विन अमावस्या को माता लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है।
दिन १/१०
सोमवार, १० अक्टूबर १९०४
शरद नवरात्रि — प्रथम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन २/१०
मंगलवार, ११ अक्टूबर १९०४
शरद नवरात्रि — द्वितीय दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ३/१०
बुधवार, १२ अक्टूबर १९०४
शरद नवरात्रि — तृतीय दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ४/१०
गुरुवार, १३ अक्टूबर १९०४
शरद नवरात्रि — चतुर्थ दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ५/१०
शुक्रवार, १४ अक्टूबर १९०४
शरद नवरात्रि — पंचम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ६/१०
शनिवार, १५ अक्टूबर १९०४
शरद नवरात्रि — षष्ठ दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ७/१०
रविवार, १६ अक्टूबर १९०४
शरद नवरात्रि — सप्तम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
मंगलवार, ८ नवंबर १९०४
गोवर्धन पूजा / बलि प्रतिपदा
कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा और बलि प्रतिपदा।
बुधवार, ९ नवंबर १९०४
भाई दूज
कार्तिक शुक्ल द्वितीया को भाई-बहन के प्रेम का पर्व भाई दूज।