त्योहार, उत्सव और छुट्टियों की सूची १९०२
दिन १/१०
गुरुवार, २ अक्टूबर १९०२
शरद नवरात्रि — प्रथम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन २/१०
शुक्रवार, ३ अक्टूबर १९०२
शरद नवरात्रि — द्वितीय दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ३/१०
शनिवार, ४ अक्टूबर १९०२
शरद नवरात्रि — तृतीय दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ४/१०
रविवार, ५ अक्टूबर १९०२
शरद नवरात्रि — चतुर्थ दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ५/१०
सोमवार, ६ अक्टूबर १९०२
शरद नवरात्रि — पंचम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ६/१०
मंगलवार, ७ अक्टूबर १९०२
शरद नवरात्रि — षष्ठ दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ७/१०
बुधवार, ८ अक्टूबर १९०२
शरद नवरात्रि — सप्तम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ८/१०
गुरुवार, ९ अक्टूबर १९०२
शरद नवरात्रि — अष्टम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ९/१०
शुक्रवार, १० अक्टूबर १९०२
शरद नवरात्रि — नवम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन १०/१०
शनिवार, ११ अक्टूबर १९०२
शरद नवरात्रि — दशम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
रविवार, १२ अक्टूबर १९०२
दशहरा / विजयादशमी
आश्विन शुक्ल दशमी को अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक दशहरा मनाया जाता है।
बुधवार, २९ अक्टूबर १९०२
संत ज्ञानेश्वर महाराज संजीवन समाधि
आळंदी में संत ज्ञानेश्वर महाराज का संजीवन समाधि दिवस।