त्योहार, उत्सव और छुट्टियों की सूची १९०१
सोमवार, २३ सितंबर १९०१
दशहरा / विजयादशमी
आश्विन शुक्ल दशमी को अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक दशहरा मनाया जाता है।
सोमवार, ३० सितंबर १९०१
करवा चौथ
पति की दीर्घायु के लिए सुहागिन महिलाओं द्वारा रखा जाने वाला निर्जला व्रत।
गुरुवार, १० अक्टूबर १९०१
धनतेरस (धनत्रयोदशी)
भगवान धन्वंतरि की पूजा और दिवाली का पहला दिन।
शुक्रवार, ११ अक्टूबर १९०१
नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली)
नरक चतुर्दशी और रूप चौदस।
शुक्रवार, ११ अक्टूबर १९०१
लक्ष्मी पूजन (दीपावली)
आश्विन अमावस्या को माता लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है।
दिन १/१०
रविवार, १३ अक्टूबर १९०१
शरद नवरात्रि — प्रथम दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन २/१०
सोमवार, १४ अक्टूबर १९०१
शरद नवरात्रि — द्वितीय दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ३/१०
मंगलवार, १५ अक्टूबर १९०१
शरद नवरात्रि — तृतीय दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन ४/१०
बुधवार, १६ अक्टूबर १९०१
शरद नवरात्रि — चतुर्थ दिन
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से ९ दिनों का घटस्थापना और देवी पूजन उत्सव प्रारम्भ होता है।
दिन १/९
शुक्रवार, ८ नवंबर १९०१
संत ज्ञानेश्वर महाराज संजीवन समाधि — प्रथम दिन
आळंदी में संत ज्ञानेश्वर महाराज का संजीवन समाधि दिवस।
दिन २/९
शनिवार, ९ नवंबर १९०१
संत ज्ञानेश्वर महाराज संजीवन समाधि — द्वितीय दिन
आळंदी में संत ज्ञानेश्वर महाराज का संजीवन समाधि दिवस।
मंगलवार, १२ नवंबर १९०१
गोवर्धन पूजा / बलि प्रतिपदा
कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा और बलि प्रतिपदा।